दांत का इलाज बहुत महंगा हो सकता हैं. इसलिए कभी-कभी कोई सस्ता इलाज मिल जाना बेहतर लगता है. वो भी तब जब दांत में बहुत दर्द हो और आपके पास पैसे कम हों. वहीं सस्ते का सौदा कभी-कभी महंगा भी पड़ जाता है. जब पता चलता है कि जहां आप इलाज करा रहे हैं, वो कोई एक्सपर्ट नहीं, बल्कि एक झोलाझाप है.

ऐसा ही मामला चेक रिपब्लिक में सामने आया. जहां 22 साल के एक युवक और उसके माता-पिता ने दंत चिकित्सा पेशेवर के रूप में खुद को पेश किया और ऑनलाइन ट्यूटोरियल की मदद से दर्जनों रूट कैनाल और दांत भरने का काम किया.

चेक रिपब्लिक में चल रहा था ऐसा
चेक गणराज्य में प्राग से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित हैवलिकुव ब्रोड शहर में एक परिवार की कहानी काफी अजीब है. इन्होंने दो साल तक पेशेवर डेंटिस्ट  के रूप में काम किया. एक अनाधिकृत क्लिनिक में लोगों के सस्ते उपचार किए, उनके पास कोई मेडिकल प्रशिक्षण नहीं था और सर्जरी या इलाज के लिए ऑनलाइन ट्यूटोरियल का इस्तेमाल करते थे.

इनलोगों ने दर्जनों रोगियों का दांत निकालने , स्थानीय एनेस्थीसिया, रूट कैनाल और दांत भरने का काम किया. जब तक कि उन्हें पुलिस ने आखिरकार पकड़ नहीं लिया. पुलिस ने एक बयान में कहा कि 22 साल के युवक ने खुद को दंत चिकित्सक बताया, हालांकि उसके पास आवश्यक पेशेवर ज्ञान नहीं था.

दंत चिकित्सा से जुड़े कई उपकरण और सामग्री बरामद
युवक ने एनेस्थेटिक्स के साथ-साथ अन्य दंत सामग्री भी उपलब्ध कराई, जिस तक उसकी पहुंच थी, जैसे कि फिलिंग, क्लीनिंग पाउडर, गोंद, इंप्रेशन सामग्री और बहुत कुछ. नकली दंत चिकित्सक की मां (50) एक नर्स के रूप में काम करती थी और प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराती थी, जबकि पिता (44) रोगियों के लिए कृत्रिम उपकरण बनाते थे.

दो साल में डेढ़ करोड़ रुपये कमाए
पुलिस का अनुमान है कि इन तीन लोगों के परिवार ने नकली डेंटल क्लिनिक खोलकर चार मिलियन चेक कोरुना ($185,500) करीबन डेढ करोड़ रुपये कमाए. उन्हें इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था और उन पर अवैध व्यवसाय चलाने, मनी लॉन्ड्रिंग, हमले का प्रयास, ड्रग डीलिंग और चोरी का आरोप लगाया गया. दोषी पाए जाने पर तीनों को आठ साल तक जेल में रहना पड़ सकता है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *