पटना हवाई अड्डा: पटना एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में जांच अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना पुलिस अब सीबीआई की मदद लेने की तैयारी में है, क्योंकि धमकी जिस ईमेल से भेजी गई थी, वह एस्टोनिया की एक इनक्रिप्टेड ईमेल सर्विस ‘atomicmail.io’ से भेजा गया है. इस सर्विस की गोपनीयता नीति इतनी सख्त है कि किसी भी देश की पुलिस को सीधे जानकारी नहीं दी जाती. इसके लिए संबंधित देश के कोर्ट के आदेश या म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रिटिज (MLAT) के तहत प्रक्रिया अपनानी होगी.
सीबीआई की ली जाएगी मदद
सिटी एसपी दीक्षा शर्मा ने पुष्टि की है कि इस जांच में सीबीआई की मदद ली जाएगी. ईमेल की गंभीरता को भांपते हुए पटना पुलिस की साइबर टीम ने जब तकनीकी पड़ताल शुरू की, तो सामने आया कि मेल सर्वर एस्टोनिया स्थित एक हाईली सिक्योर और एनक्रिप्टेड नेटवर्क से जुड़ा है.
कई घंटों तक एयरपोर्ट पर चली जांच
धमकी भरा ईमेल 28 जून की रात 1:39 बजे पटना एयरपोर्ट निदेशक के ऑफिशियल मेल पर प्राप्त हुआ था. हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन की नजर इस मेल पर 29 जून की सुबह 6:06 बजे पड़ी. इसके तुरंत बाद सुबह 6:50 बजे से एयरपोर्ट पर बम स्क्वॉयड और सुरक्षा एजेंसियों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. कई घंटे चले इस ऑपरेशन में एयरपोर्ट के चप्पे-चप्पे की जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली.
पुलिस मान रही शरारती तत्वों की करतूत
इस पूरे मामले को लेकर चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर विक्की सिंह की लिखित शिकायत पर एयरपोर्ट थाना में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस इसे फिलहाल शरारती तत्वों की करतूत मान रही है, लेकिन साथ ही इसे हल्के में नहीं लिया जा रहा.
जांच एजेंसियों की मानें तो इस तरह के अंतरराष्ट्रीय ईमेल ट्रैक करना आसान नहीं होता, खासकर जब वह किसी एन्क्रिप्टेड नेटवर्क से भेजा गया हो. अब पूरा फोकस सीबीआई के ज़रिए एस्टोनिया की संबंधित एजेंसियों से संपर्क स्थापित कर ईमेल भेजने वाले की पहचान करने पर है.
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