नये श्रम संहिता में मजदूरों की पक्की नौकरी की कोई गारंटी नहीं

ByCrank10

July 2, 2025


पिपरवार. बसंत विहार कॉलोनी स्थित यूसीडब्ल्यूयू क्षेत्रीय कार्यालय में बुधवार शाम संयुक्त मोर्चा की बैठक संयुक्त मंडली की अध्यक्षता में हुई. इसमें केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा नौ जुलाई को घोषित देश व्यापी हड़ताल को सफल बनाने पर चर्चा करते हुए इसे सफल बनाने का निर्णय लिया गया. वक्ताओं ने कहा कि पूंजीपतियों के हित में केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिता में बदल दिया है. इसमें सारे नियम पूंजीपतियों के पक्ष में बनाये गये हैं. आरोप लगाया गया कि काम के घंटे में बढ़ोतरी की गयी है. जबकि ट्रेड यूनियनों के अधिकारों को कम कर दिया गया है. वक्ताओं ने कहा कि यदि यह श्रम संहिता लागू हुआ तो कोल इंडिया के मजदूरों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा. बताया कि वर्तमान में कोल इंडिया को निजीकरण करने का दौर चल रहा है. कोल इंडिया को कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार कामर्शियल माइनिंग में 112 खदानें दे चुकी है. नये श्रम संहिता में मजदूरों की पक्की नौकरी की कोई गारंटी नहीं है. मजदूरों को पीएफ, ग्रेच्यूटी, छुट्टी व सोशल सिक्योरिटी की गारंटी नहीं दी जा रही है. वक्ताओं ने मजदूरों से नौ जुलाई की हड़ताल को सफल करने की अपील की. मौके पर रवींद्र नाथ सिंह, अरविंद शर्मा, भीम सिंह यादव, इस्लाम अंसारी, भीम मेहता, इकबाल हुसैन, विद्यापति सिंह, धनेश्वर गंझू, अब्दुल्ला, कासिम, रामू गोप, रहमतुल्लाह, विजेंद्र सिंह, आरके सिंह, विनोद कुमार, नकुल प्रसाद, रामचंद उरांव, मथुरा मंडल, कयूम अंसारी, सरजू सिंह, ऋषिकेश मिश्रा, अकलू यादव, सुरेश चौधरी, राजकुमार, हरिश्चंद्र, असलम, रामबचन यादव, जगदेव साव, संतोष दास आदि उपस्थित थे.

नौ जुलाई की हड़ताल की सफलता के लिए संयुक्त मोर्चा ने कसी कमर, कहा

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