श्रावणि मेला: श्रावणी मेला शुरू होने में अब केवल 7 दिनों का समय बचा है. देवघर जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां कर रही है. अब केवल कुछ ही दिनों बाद बाबा की नगरी ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंजने वाली है. दूर-दूर से कई किलोमीटर की पैदल यात्रा कर लाखों श्रद्धालु बाबा धाम पहुंचते हैं. लेकिन क्या आपको पता है बाबा के कुछ ऐसे भक्त भी हैं, जो 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा बिना कहीं रुके 24 घंटे में पूरी करते हैं. इन भक्तों को डाक बम के नाम से जाना जाता है. चलिए इस आर्टिकल में डाक बम से जुड़ी कुछ खास बातों को जानते हैं.

जानिए क्या है डाक बम?

डाक बम उन कांवड़ियों को कहा जाता है जो कांवड़ यात्रा के दौरान बिना रुके 24 घंटे में सुल्तानगंज से देवघर तक की 105 किमी की कठिन यात्रा पूरी करते हैं. यह यात्रा अत्यंत चुनौतीपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इसमें लगातार चलना/दौड़ना होता है और रुकने की अनुमति नहीं होती. इस यात्रा के लिए अद्भुत शारीरिक सहनशक्ति और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है. यह परंपरा विशेष रूप से पूर्वांचल, बिहार और झारखंड क्षेत्र में अत्यधिक लोकप्रिय है.

झारखंड की ताजा खबरें यहां पढ़ें

डाक बम कांवड़ियों को मिलती है विशेष सुविधाएं

डाक बम कांवड़ियों को बाबा धाम में विशेष सुविधाएं भी मिलती हैं. इनके लिए जलाभिषेक करने के लिए अलग से कतार बनायी जाती है और इन्हें जलाभिषेक करने में प्राथमिकता दी जाती है. अन्य श्रद्धालु भी इनके लिए रास्ता बना देते हैं, ताकि वे शिवलिंग तक बिना रुके चलते रहें. अगर डाक बम कहीं रुक गये तो उनकी ये यात्रा खंडित मानी जाती है.

इसे भी पढ़ें

जोखिम में जान: मानसून की बारिश में निखरा पलानी झरने का सौंदर्य, लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा भगवान भरोसे

Shravani Mela 2025: सावन में देवघर जाने वालों के लिए अच्छी खबर, 11 जुलाई से चलेंगी मेला स्पेशल ट्रेनें

रथ मेला में उमड़ रही भारी भीड़, रोमांचक झूले लोगों को कर रहे आकर्षित



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *