महाराष्ट्र में भाषा पर दंगल, राज-उद्धव ठाकरे की जोड़ी का सरकार के खिलाफ हल्ला-बोल


Hindi vs Marathi Row: भाषा को लेकर जारी विवाद के बीच उद्धव-राज ठाकरे के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. हालांकि सड़कों पर हुए भारी नाटक और पुलिस द्वारा कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. प्रदर्शनकारियों ने शिवसेना मंत्री प्रताप सरनाईक को घेर लिया. स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने ‘मराठी अस्मिता’ की रक्षा के नारे लगाने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया.

आदित्य ठाकरे ने फडणवीस सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, “हर किसी को विरोध करने का अधिकार है. हम नहीं जानते कि भाजपा महाराष्ट्र और मराठी विरोधी क्यों है और कल रात लोगों को क्यों गिरफ्तार किया गया. शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हुआ था. उन्हें इसकी अनुमति देनी चाहिए थी. हर किसी को विरोध करने का अधिकार है.” उन्होंने आगे कहा, “भाजपा महाराष्ट्र में नफरत फैलाने और मराठी और गैर-मराठी लोगों के बीच संघर्ष पैदा करने की कोशिश कर रही है. उनका एजेंडा काम नहीं करेगा. बिहार और बीएमसी चुनावों के लिए उनका एजेंडा विभाजन पैदा करना है. यह भाजपा की चाल है, और यह सफल नहीं होगी.”

नाना पटोले ने सरकार पर मराठी और गैर-मराठी लोगों के बीच विवाद पैदा करने का लगाया आरोप

भाषा विवाद पर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा, “विरोध करना हर किसी का अधिकार है, फिर भी कुछ लोगों को विरोध करने की अनुमति है जबकि अन्य को नहीं. इससे सरकार की मानसिकता का पता चलता है. मुख्य रूप से, यह (महाराष्ट्र) सरकार की गलती है. विवाद की शुरुआत हिंदी भाषा को लेकर सरकार द्वारा जारी किए गए एक परिपत्र से हुई, क्योंकि उन्हें पता था कि ऐसा विवाद पैदा होगा, लेकिन उन्होंने मराठी और गैर-मराठी लोगों के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश की. कई चुनावों में हमने देखा है कि भाजपा ने देश को धर्म, क्षेत्र या जाति के आधार पर बांटने का काम किया है. नतीजतन, महाराष्ट्र के कई उद्योग गुजरात में स्थानांतरित हो रहे हैं… मेरा मानना ​​है कि इस तरह के विवाद गुजरात में अधिक से अधिक उद्योगों को भेजने के लिए बनाए जा रहे हैं.”

मराठी नहीं बोलेने पर मनसे कार्यकर्ताओं ने एक फूड स्टॉल मालिक की कर दी थी पिटाई

महाराष्ट्र में हाल ही में मराठी नहीं बोलने पर मनसे कार्यकर्ताओं ने एक ‘फूड स्टॉल’ मालिक के साथ मारपीट की थी. उसके विरोध में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया था. उसी के जवाब में यह रैली आयोजित की गई थी. देर राज मनसे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *