पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने जनवरी से जून 2025 तक भयानक हमले किए हैं, जिन्होंने पाकिस्तानी सेना को हिलाकर रख दिया है. BLA ने इस अवधि में 284 हमले किए, जिनमें 668 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई. 17 सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया.

इन हमलों में 121 विस्फोट, 9 विशेष ऑपरेशन और 3 आत्मघाती (फिदायीन) मिशन शामिल थे. BLA ने 45 रणनीतिक स्थानों पर कब्जा किया. 115 से अधिक प्रकार के हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में गोला-बारूद जब्त किया.

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) क्या है?

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक बलूच राष्ट्रवादी सशस्त्र संगठन है, जो बलूचिस्तान को पाकिस्तान से आजाद करने के लिए लड़ रहा है. बलूचिस्तान, जो पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम आबादी वाला और अविकसित प्रांत है, प्राकृतिक संसाधनों जैसे गैस, खनिज और तटीय संपत्तियों से समृद्ध है.

यह भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर के समय PAK को कैसे मदद कर रहा था चीन… कितने सैटेलाइट थे तैनात?

BLA और स्थानीय लोग दावा करते हैं कि पाकिस्तान सरकार इन संसाधनों का शोषण करती है, जिसका फायदा स्थानीय बलूच लोगों को नहीं मिलता. BLA का कहना है कि बलूचों को उनके अधिकारों और स्वायत्तता से वंचित किया जा रहा है. वे इसके खिलाफ सशस्त्र संघर्ष कर रहे हैं.

पाकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने BLA को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है, जबकि BLA खुद को बलूच लोगों के लिए स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ने वाला संगठन मानता है.

पाकिस्तान को ब्राउज़ करें

जनवरी-जून 2025: BLA की ताकतवर कार्रवाइयां

2025 के पहले छह महीनों में BLA ने बलूचिस्तान में अपनी गतिविधियों को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ाया. इस दौरान उन्होंने 284 हमले किए, जिनमें शामिल हैं…

668 सैनिकों की मौत: BLA ने दावा किया कि उनके हमलों में 668 पाकिस्तानी सैनिक और 58 खुफिया एजेंट मारे गए. यह पाकिस्तानी सेना के लिए बड़ा झटका है, जिसे क्षेत्र में नियंत्रण बनाए रखने में मुश्किल हो रही है.

121 विस्फोट: इनमें IED (इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) हमले शामिल थे, जिन्होंने सैन्य काफिलों, वाहनों और ठिकानों को निशाना बनाया. उदाहरण के लिए, 25 अप्रैल 2025 को क्वेटा के मार्गट क्षेत्र में एक सैन्य काफिले पर IED हमले में 10 सैनिक मारे गए.

यह भी पढ़ें: तेजस Mk1A में लगेगी ये स्वदेशी मिसाइल… अगस्त में ट्रायल शुरू, जंग में बढ़ जाएगी मारक क्षमता

9 विशेष ऑपरेशन और 3 फिदायीन मिशन: BLA की मजीद ब्रिगेड और फतेह स्क्वॉड ने तीन आत्मघाती हमले किए, जिनमें सात BLA लड़ाके शहीद हुए. ये हमले सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण ढांचे पर केंद्रित थे.

45 रणनीतिक स्थान कब्जाए: BLA ने बलूचिस्तान में 45 महत्वपूर्ण स्थानों पर कब्जा किया, जिसमें मंगोचर शहर (कालट जिला) शामिल है. इस ऑपरेशन में BLA के फतेह स्क्वॉड ने क्वेटा-कराची राष्ट्रीय राजमार्ग (N-25) को अवरुद्ध किया और स्थानीय पुलिस को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया.

पाकिस्तान को ब्राउज़ करें

17 सैन्य ठिकाने नष्ट: BLA ने 17 सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिससे पाकिस्तानी सेना की क्षेत्र में मौजूदगी कमजोर हुई.

115 प्रकार के हथियार जब्त: BLA ने 115 से अधिक प्रकार के हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद जब्त किया, जिसमें स्वचालित राइफलें, ग्रेनेड लॉन्चर और RPG शामिल हैं. यह उनकी युद्ध क्षमता को बढ़ाता है.

131 सैन्य वाहन नष्ट: BLA ने 131 सैन्य वाहनों को नष्ट किया, जिससे पाकिस्तानी सेना की आपूर्ति और संचार लाइनें प्रभावित हुईं.

जाफर एक्सप्रेस हाईजैक

11 मार्च 2025 को BLA ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक किया, जिसमें 400 से अधिक यात्री और 100 सैनिक सवार थे. इस हमले में BLA ने दावा किया कि उन्होंने 214 सैन्य बंधकों को मार डाला, क्योंकि पाकिस्तान ने 48 घंटे की समय सीमा में बलूच राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की उनकी मांग नहीं मानी. हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि केवल 31 लोग मारे गए, जिसमें नागरिक और सैनिक शामिल थे.

यह भी पढ़ें: गोला दागते ही जगह बदल देता है… दुश्मन पर कहर बरपाएगा इंडियन आर्मी का माउंटेड गन सिस्टम

BLA की नई रणनीति

2025 में BLA ने अपनी रणनीति को और मजबूत किया. इस साल की शुरुआत में, BLA ने कई बलूच लड़ाकू समूहों को एकजुट किया. एक नई युद्ध रणनीति अपनाई. यह रणनीति ऑपरेशन हीरोफ (ब्लैक स्टॉर्म) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रमुख राजमार्गों, तटीय मार्गों और सैन्य ठिकानों पर कब्जा करना है.

एकीकरण: BLA की जियंद (BLA-J), आजाद (BLA-A) और बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने बलूच राजी आजोही संगार (BRAS) गठबंधन के तहत एकजुट होकर हमले किए. यह एकीकरण उनकी समन्वित हमलों की क्षमता को बढ़ाता है.

पाकिस्तान को ब्राउज़ करें

नई रणनीति: BLA अब केवल सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाता, बल्कि आपूर्ति लाइनों, संचार नेटवर्क और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़े ढांचे को भी नष्ट करता है. वे CPEC को बलूच संसाधनों के शोषण का प्रतीक मानते हैं.

प्रमुख हमले और उनके प्रभाव

मंगोचर शहर पर कब्जा (3 मई 2025): BLA के फतेह स्क्वॉड ने कालट जिले के मंगोचर शहर पर कब्जा किया. उन्होंने सरकारी इमारतों पर नियंत्रण किया और कुछ सैन्य व सरकारी अधिकारियों को बंधक बनाया. इस ऑपरेशन ने BLA की क्षेत्र पर पकड़ को दर्शाया और पाकिस्तानी सेना की कमजोरी को उजागर किया.

जाफर एक्सप्रेस हमला (11 मार्च 2025): बोलन पास के पास BLA ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक किया. इस हमले में मजीद ब्रिगेड और फतेह स्क्वॉड ने आठ बसों के सैन्य काफिले को निशाना बनाया, जिसमें एक बस पूरी तरह नष्ट हो गई. BLA ने दावा किया कि उन्होंने 90 सैनिकों को मार डाला, हालांकि स्थानीय पुलिस ने केवल 5 सैनिकों की मौत की पुष्टि की.

क्वेटा में IED हमला (25 अप्रैल 2025): मार्गट में एक सैन्य काफिले पर रिमोट-नियंत्रित IED हमले में 10 सैनिक मारे गए, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. BLA ने इसे अपनी स्वतंत्रता की लड़ाई का हिस्सा बताया.

यह भी पढ़ें: LR-LACM… रडार नहीं पकड़ पाएगा, परमाणु अटैक में भी सक्षम… तुर्की का दुश्मन ग्रीस भारत से चाहता है ये मिसाइल

51 स्थानों पर 71 हमले (मई 2025): मई में BLA ने 51 स्थानों पर 71 समन्वित हमले किए, जिनमें सैन्य काफिले, खुफिया केंद्र और खनिज परिवहन वाहन निशाने पर थे. इन हमलों में 50 से अधिक सैनिक मारे गए, और कई चौकियों पर BLA ने अपने झंडे फहराए.

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तानी सेना और सरकार ने इन हमलों को भारत प्रायोजित बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की, लेकिन इसके कोई ठोस सबूत नहीं दिए. बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सर्फराज बुगती ने हमलों की निंदा की और वादा किया कि हमलावरों को सजा दी जाएगी. पाकिस्तान ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए 2025-26 में रक्षा बजट में 18% की वृद्धि की योजना बनाई है, लेकिन BLA के हमलों ने उनकी कमजोरियों को उजागर कर दिया है.

BLA ने भारत और दुनिया सें मांगी मदद

BLA ने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मांगा है. उनके प्रवक्ता जियंद बलूच ने कहा कि पाकिस्तान शांति और भाईचारे की बात करता है, लेकिन यह सिर्फ एक धोखा है. अगर भारत और विश्व समुदाय हमें समर्थन दे, तो हम इस आतंकवादी देश को खत्म कर सकते हैं. BLA ने स्पष्ट किया कि वे किसी देश के प्रॉक्सी नहीं हैं, बल्कि एक स्वतंत्र संगठन हैं जो बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा है.

बलूचिस्तान में अशांति के कारण

बलूचिस्तान में दशकों से चल रहा यह विद्रोह कई कारणों से भड़क रहा है…

  • आर्थिक शोषण: बलूचिस्तान के संसाधनों का दोहन बिना स्थानीय लोगों को लाभ दिए किया जा रहा है.
  • राजनीतिक हाशिए पर: बलूच लोगों को उनके अधिकारों और स्वायत्तता से वंचित रखा गया है.
  • मानवाधिकार उल्लंघन: अमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार, हजारों बलूच कार्यकर्ता, पत्रकार और छात्रों को जबरन गायब किया गया या मार डाला गया.

—- समाप्त —-





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *