इस शोध में ग्लेशियर्स के अचानक टूटने, भूस्खलन, हिमस्खलन, मिट्टी और मलबे के बहाव और ग्लेशियर्स के असामान्य रूप से तेजी से आगे बढ़ने जैसे खतरों का विश्लेषण किया गया है. यूनिवर्सिटी ऑफ चिली के भूवैज्ञानिक फेलिपे उगाल्डे ने बताया कि लगभग 10 ग्लेशियर्स ऐसे हैं जो इन खतरों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं. इनमें से कुछ ग्लेशियर्स पर हिमस्खलन का खतरा है. कुछ पर खड़ी चट्टानों के कारण जोखिम है. कुछ ग्लेशियर्स हिमनदीय झीलों के कम होने से प्रभावित हो सकते हैं. (फोटोः Reuters)



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