मार्केट में नया डर? इंडिया-यूएस ट्रेड डील से पहले बिखर गया भारतीय बाजार, लाखों करोड़ डूबे! – Stock Market Down Sensex Nifty Fall ahead India US Trade Deal Investors Lost Lakhs Crore tutd


भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील जल्‍द होने की उम्‍मीद लगाई जा रही है. इस बीच, गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दिखाई दी है. बाजार बंद होने के आखिरी घंटों में Nifty50 में तेज गिरावट आई. निफ्टी 120 अंक गिरकर 25355 पर बंद हुआ, जबकि Sensex 345 अंक गिरकर 83190 पर क्‍लोज हुआ. आखिरी घंटों में बैंक निफ्टी भी 257 अंक तक गिर गया.

BSE के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो मारुति, Tata Motors, Tata Steel, Trent, Bajaj Finance और Bajaj Finserv को छोड़कर 24 शेयर बिखर गए. सबसे ज्‍यादा गिरावट भारतीय एयरटेल, इंफोसिस और एशियन पेंट्स के शेयरों में करीब 2 फीसदी का हुआ.

निवेशकों को तगड़ा नुकसान
बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 9 जुलाई को 461.39 लाख करोड़ रुपये था, जो आज 1.19 लाख करोड़ रुपये घटकर 460.15 लाख करोड़ रुपये पर बंद हुआ. ऐसे में निवेशकों को आज 1.19 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.

आज क्‍यों गिरा शेयर बाजार?

  1. लार्जकैप और मिडकैप स्‍टॉक में तेज गिरावट के कारण मार्केट में दबाव नजर आया. बीएइर्स मिडकैप इंडेक्‍स 130 अंक टूटकर बंद हुआ. हालांकि बीएसई स्‍मॉलकैप इंडेक्‍स में 63 अंक की तेजी रही. भारतीय रुपया 85.6350 पर क्‍लोज हुआ, जो पिछले बंद भाव के काफी करीब था.
  2. अमेरिका से ट्रेड डील पर भी अभी मुहर नहीं लग पाई है. एग्री, डेयरी और ऑटो सेक्‍टर्स को लेकर मामला फंसा हुआ है. भारत ने यहां तक कह दिया है कि अगर अमेरिका हैवी टैरिफ लगाता है तो लगाए, लेकिन हम अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेंगे.
  3. ट्रंप रूस पर एक बिल लेकर आने पर विचार कर रहे हैं, जो भारत पर 500 फीसदी टैरिफ को सपोर्ट करता है.
  4. ट्रंप ने ब्राजील और कॉपर पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाया है. इसके अलावा, फार्मा पर भी 200 फीसदी तक टैरिफ लगाने की धमकी दी है. ऐसे में मार्केट में टैरिफ का डर बना हुआ है.

भारत अमेरिका में ट्रेड डील
भारत और अमेरिका पर ट्रेड डील को लेकर अभी बातचीत होने जा रही है, जिसके बाद इस डील को अंतिम रूप दिया जाएगा. अभी तक मिनी डील की ही बात हो रही है, क्‍योंकि एग्रीकल्‍चर, ऑटो और डेयरी पर दोनों देशों की सहमति नहीं बन पाई है. अमेरिका चाहता है कि भारत इन सेक्‍टर्स पर टैरिफ कम करे, ताकि उसे एक बड़ा मार्केट मिल सके. वहीं भारत देशहित में इन सेक्‍टर्स को अमेरिका के लिए ओपेन नहीं करना चाहता है.

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

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