Pakistan – पाकिस्तान: राष्ट्रपति जरदारी से जुड़ी अफवाहों को गृह मंत्री ने किया खारिज, बताया- ‘दुर्भावनापूर्ण कैंपेन’ – Pakistan Interior Minister rejects rumours about President Zardaris possible ouster ntc


पाकिस्तान (Pakistan) के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने गुरुवार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को पद से हटाए जाने की अफवाहों को खारिज करते हुए इसे ‘दुर्भावनापूर्ण कैंपेन’ करार दिया है. नकवी का यह बयान सोशल मीडिया पर चल रही उन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर जरदारी की जगह देश के राष्ट्रपति बनने वाले हैं.

नकवी ने सोशल मीडिया पोस्ट में ज़ोर देकर कहा, “राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और सेनाध्यक्ष को निशाना बनाकर चलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण कैंपेन के पीछे कौन है, इसकी हमें पूरी जानकारी है.” हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया.

उन्होंने कहा, “मैंने साफ़ तौर पर कहा है कि राष्ट्रपति से इस्तीफ़ा देने या सेना प्रमुख के राष्ट्रपति पद संभालने की इच्छा रखने के बारे में न तो कोई चर्चा हुई है और न ही ऐसी कोई बात है.”

‘मुझे पता है कौन झूठ फैला रहा…’

मोहसिन नकवी ने आगे कहा कि राष्ट्रपति ज़रदारी के ‘सशस्त्र बलों के नेतृत्व के साथ एक मज़बूत और सम्मानजनक संबंध हैं.” उन्होंने राष्ट्रपति ज़रदारी के हवाले से कहा कि उन्होंने साफ तौर से कहा था, “मुझे पता है कि ये झूठ कौन फैला रहा है, वे ऐसा क्यों कर रहे हैं, और इस दुष्प्रचार से किसे फ़ायदा हो रहा है.”

नकवी ने आगे कहा, “इस कहानी में शामिल लोग, विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर जो चाहे करें. जहां तक हमारी बात है, हम पाकिस्तान को फिर से मज़बूत बनाने के लिए जो भी ज़रूरी होगा, करेंगे, इंशाअल्लाह.”

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मुनीर को 2022 में तीन साल के कार्यकाल के लिए सेना प्रमुख के पद पर पदोन्नत किया गया था, लेकिन पिछले साल सरकार ने कार्यकाल बढ़ाकर पांच साल कर दिया. सरकार इसे एक और कार्यकाल के लिए बढ़ा भी सकती है.

ज़रदारी को पिछले साल प्रधानमंत्री पद के लिए शहबाज़ शरीफ़ की उम्मीदवारी का समर्थन करने के बदले में पांच साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुना गया था.

आसिफ अली जरदारी और उनके बेटे बिलावल भुट्टो, दोनों ने सत्ता के साथ अच्छे कामकाजी संबंध बनाए रखे हैं. बिलावल को उस डेलिगेशन का नेतृत्व करने के लिए कहा गया था, जो हाल ही में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष की परिस्थितियों को समझाने के लिए दुनिया की कई राजधानियों का दौरा कर रहा था.

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