दिल्ली: बारिश के बाद हुए जलभराव पर CM ने जताई चिंता, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश – Delhi Chief Minister Rekha Gupta expressed concern over water logging heavy rain ntc


राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) बुधवार की शाम हुई तेज बारिश की वजह से कई इलाकों में जलभराव की खबरें सामने आई हैं. इन हालात पर प्रदेश की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चिंता जाहिर की है. उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए किए हैं. सीएम ने कहा कि जलभराव को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे दिल्ली को लोगों को मॉनसून में परेशानी का सामना न करना पड़े.

सीएम रेखा गुप्ता ने इस बात पर संतोष जताया कि भारी बारिश के बावजूद मिंटो रोड और आईटीओ चौराहे पर इस बार जलभराव नहीं हुआ. उन्होंने अफसरों से मुखातिब होते हुए कहा कि इसी तरह की कार्यकुशलता उन्हें पूरी दिल्ली में दिखानी होगी.

दिल्ली रेन
9 जुलाई को दिल्ली के ITO में बारिश के बाद ट्रैफिक जाम (Photo: PTI)

दिल्ली-NCR में बारिश के बाद बुरा हाल

बुधवार शाम से हो रही भारी बारिश ने दिल्ली और एनसीआर के बड़े इलाकों, खासकर उत्तरी दिल्ली और गुरुग्राम के कई इलाकों को बुरी तरह जलमग्न कर दिया है. जलभराव की वजह से यातायात ठप हो गया, रिहायशी कॉलोनियों में पानी भर गया, और एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी में मॉनसून की तैयारियों का संकट उजागर हो गया.

बड़े-बड़े दावों और पहले से की गई प्लानिंग के बावजूद, दिल्ली एक बार फिर बेपरवाह नज़र आ रही है. विडंबना यह है कि शहर में मॉनसून की तैयारियां हर साल करीब 6 महीने पहले से शुरू हो जाती हैं, फिर भी पहली ही बारिश जनजीवन को अस्त-व्यस्त करने के लिए काफी होती है.

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अलग-अलग एजेंसियों के हाथ जिम्मेदारियां

दिल्ली के जल निकासी और सीवेज प्रबंधन का काम करीब आधा दर्जन एजेंसियों द्वारा किया जाता है, जिनमें दिल्ली नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC), लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग शामिल हैं. हर विभाग अलग-अलग इलाकों के लिए ज़िम्मेदार है.

इस साल नियमित स्वच्छता बजट से अलग 36 करोड़ रुपये के आवंटन के बावजूद, नगर निकाय ने माना कि मॉनसून आने तक उसने अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत केवल 75 फीसदी नालों की सफाई की थी.

(कुमार कुणाल के इनपुट के साथ)

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