अहमदाबाद में 12 जून को एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान हादसे को लेकर भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के कुछ सेकंड ही बाद विमान के दोनों इंजन अचानक अपने-आप बंद हो गए थे, जिससे विमान गिरने की नौबत आ गई.
AAIB की 15 पन्नों की रिपोर्ट के अनुसार, विमान सुबह करीब 08:08:बजे पर 180 नॉट्स की अधिकतम इंडिकेटेड एयरस्पीड (IAS) तक पहुंच चुका था, तभी इंजन-1 और इंजन-2 के फ्यूल कट-ऑफ स्विच (जो इंजन को ईंधन भेजते हैं) ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ पोजिशन में चले गए. इन दोनों स्विचों के बीच का अंतर केवल एक सेकंड था, जिससे ईंधन आना बंद हो गया और दोनों इंजन के N1 व N2 रोटेशन स्पीड गिरने लगे.
पायलटों के बीच हुई हैरान करने वाली बातचीत
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट दूसरे से पूछते सुना गया, ‘तुमने इंजन क्यों बंद किए?’ जवाब में दूसरे पायलट ने कहा, ‘मैंने कुछ नहीं किया.’ यह बातचीत इस हादसे की रहस्यमय प्रकृति को और गहरा करता है, क्योंकि दोनों पायलटों ने इंजन बंद करने की बात से इनकार किया है.
रैम एयर टर्बाइन (RAT) की तैनाती
एयरपोर्ट की सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद यह सामने आया कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान की Ram Air Turbine (RAT) यानी आपातकालीन पंखा बाहर आ गया. आमतौर पर, RAT तभी बाहर निकलता है जब विमान की बिजली सप्लाई में समस्या आती है. इसका मतलब है कि इंजन बंद होने के कारण विमान की मेन पावर सप्लाई भी प्रभावित हुई थी.
रैम एयर टर्बाइन एक छोटा प्रोपेलर जैसा उपकरण होता है जो दोनों इंजन के बंद होने या पावर सप्लाई बंद होने या फिर हाइड्रोलिक विफलता पर स्वचालित रूप से तैनात हो जाता है. यह विमान को ऊंचाई बनाए रखने में मदद करता है. आरएटी आपातकालीन शक्ति उत्पन्न करने के लिए हवा की गति का उपयोग करता है.
हादसा रनवे के पास ही हुआ, बर्ड हिट से इनकार
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विमान एयरपोर्ट की परिधि दीवार को पार करने से पहले ही ऊंचाई खोने लगा था. जांच में इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि विमान के रास्ते में कोई पक्षी थे. इससे यह स्पष्ट होता है कि बर्ड हिट इस दुर्घटना का कारण नहीं था.
AAIB के अनुसार, दुर्घटनास्थल पर ड्रोन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करी ली गई है और मलबा सुरक्षित जगह रखा गया है ताकि आगे की तकनीकी जांच की जा सके. साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अभी की जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला है जिससे बोइंग 787-8 विमान या उसके इंजन बनाने वाली कंपनी के लिए कोई चेतावनी जारी करनी पड़े.
EAFR का डेटा निकालने के लिए विशेष तकनीकों का हो रहा इस्तेमाल
हादसे की जांच अभी जारी है और इससे जुड़े कई महत्वपूर्ण तकनीकी हिस्सों की पहचान कर उन्हें आगे की जांच के लिए अलग रख दिया गया है. एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बताया कि विमान के पिछले हिस्से में लगे एक्सटेंडेड एयरफ्रेम फ्लाइट रिकॉर्डर (EAFR) को भारी नुकसान पहुंचा है और उसे पारंपरिक तरीकों से एक्सेस नहीं किया जा सका है. इस रिकॉर्डर से डेटा निकालने के लिए विशेष तकनीकों की मदद ली जा रही है.
हादसे में 260 लोगों की गई थी जान
गौरतलब है कि 12 जून को अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भर रही एअर इंडिया की बोइंग 787-8 विमान (फ्लाइट AI 171) टेकऑफ के तुरंत बाद एक मेडिकल हॉस्टल परिसर से टकरा गई. इस भीषण हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर्स शामिल थे. केवल एक यात्री इस दुर्घटना में जीवित बचा. यह पहली बार था जब बोइंग के सबसे लोकप्रिय वाइड-बॉडी विमान ड्रीमलाइनर (Boeing 787) की किसी दुर्घटना में इतनी जानें गईं और विमान पूरी तरह नष्ट (हुल लॉस) हो गया. 26 जून को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस हादसे पर एक स्थिति रिपोर्ट (स्टेटस रिपोर्ट) भी जारी की थी.
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