उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है. मंत्रिमंडल ने मंगलवार को महिला के नाम पर खरीदी गई एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट को मंजूरी दे दी है. अभी तक यह छूट राज्य में केवल 10 लाख रुपये तक की संपत्ति पर ही लागू थी, जिसमें अधिकतम 10000 रुपये की छूट मिलती थी. लेकिन अब सरकार ने इस छूट को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति कर दिया है.

दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ स्थित लोक भवन में कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी. उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बयान में बताया कि बैठक में कुल 37 प्रस्ताव पारित किए गए. इस फैसले की जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार का मानना है कि इस फैसले से मध्यम वर्ग की महिलाओं को संपत्ति की मालकिन बनने में मदद मिलेगी, जिससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी अधिक सक्षम और समाज में सम्मानित भी होंगी.

यह भी पढ़ें: केशव प्रसाद मौर्य से मिलने उनके आवास पहुंचे प्रतीक भूषण, एक दिन पहले ही पिता बृजभूषण सिंह ने CM योगी से की थी मुलाकात

इस फैसले से महिलाओं के नाम पर संपत्ति के पंजीकरण में होगी वृद्धि

मंत्री ने कहा कि यह छूट मिशन शक्ति कार्यक्रम को भी मजबूत करेगी, जिसके तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा रहा है. बजट 2024 में केंद्र सरकार ने महिलाओं के पक्ष में निष्पादित दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क कम करने की भी बात कही थी. उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले को इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है. बयान में कहा गया है कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति के पंजीकरण में भारी वृद्धि होने की संभावना है.

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने आईआरडीई (इंस्ट्रूमेंट्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट), डीआरडीओ द्वारा प्रस्तावित आईआर डिटेक्शन टेक्नोलॉजी सेंटर के पक्ष में एक रुपये वार्षिक लीज रेंट पर 10 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी. यह केंद्र उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे के लखनऊ नोड में स्थापित किया जाएगा. इस परियोजना के तहत लगभग 150 इंजीनियरों और तकनीकी कर्मियों को प्रत्यक्ष रोजगार और 500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है.

यह भी पढ़ें: यूपी की सियासत में बड़ी खबर… CM योगी से मिले बृजभूषण शरण सिंह, करीब आधे घंटे हुई बात, खत्म होगी सियासी दूरी?

क्या है आईआरडीई

आईआरडीई, देहरादून रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक घटक प्रयोगशाला है. यह संस्थान आईआर डिटेक्टरों के विकास और निर्माण के लिए एक स्वदेशी फैब-लाइन स्थापित करने हेतु एक नई परियोजना शुरू कर रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बयान में कहा कि इस परियोजना में सेमीकंडक्टर आईआर डिटेक्टर निर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव है. इससे भारत अग्रणी देशों की श्रेणी में आ जाएगा.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *