मस्जिद में सपा सांसदों की बैठक पर विवाद! अखिलेश पर भड़की BJP, बोली- पार्टी दफ्तर समझा है क्या – Akhilesh Yadav meeting in mosque near Parliament House BJP slams said converted into Samajwadi Party office controversy lclam

ByCrank10

July 23, 2025


समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के दिल्ली में संसद भवन के बगल वाली मस्जिद में कथित तौर पर बैठक करने को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने आरोप लगाया कि अखिलेश ने इस मस्जिद को सपा का दफ्तर बना दिया है. जिसपर अब सपा मुखिया ने जवाब दिया है. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वो लोगों में दूरियां देखना चाहती है, इसीलिए मेरे मस्जिद जाने पर विवाद खड़ा कर रही है. आस्था जोड़ती है…हालांकि, बीजेपी चाहती है कि लोग एकजुट न होकर बंटे रहें. हमारी सभी धर्मों में आस्था है.

न्यूज एजेंसी से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा- मीडिया भी बीजेपी के चक्कर में फंस गई. आस्था जोड़ती है. किसी भी धर्म में कोई भी आस्था हो वो जोड़ती है. बीजेपी को तकलीफ है कि कोई आपस में जुड़े नहीं. बीजेपी लोगों में दूरियां देखना चाहती है. बीजेपी को तकलीफ है तो हम क्या करें. बीजेपी के हथकंडे को लोग जानते हैं. बीजेपी का हथियार ही धर्म है.

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वहीं, अखिलेश यादव द्वारा कथित तौर पर मस्जिद के अंदर बैठक करने पर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा- “क्या अब हमें मंदिर और मस्जिद जाने के लिए भाजपा से लाइसेंस लेना होगा…”

दरअसल, बीते दिन अखिलेश यादव संसद भवन के बगल की मस्जिद में सपा नेताओं के साथ बैठे थे. जैसे ही उनकी तस्वीर सामने आई, इसको लेकर बीजेपी ने मुद्दा बनाना शुरू कर दिया. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने तस्वीर शेयर करते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश ने इस मस्जिद को सपा कार्यालय बना दिया है. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने इसको लेकर कड़ी आपत्ति जताई. साथ ही इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने का ऐलान भी किया.

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तस्वीर में आप देख सकते हैं कि कई सपा सांसद मस्जिद के अंदर अखिलेश यादव के साथ मौजूद हैं. इसमें रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी भी नजर आ रहे हैं. वह इस मस्जिद के इमाम हैं. फिलहाल, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दकी ने ऐलान किया है कि 25 जुलाई को जुमे की नमाज के बाद इसी मस्जिद में अखिलेश और उनके सांसद द्वारा की गई कथित बैठक का विरोध करेंगे.

उधर, इस पूरे मामले में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने भी विरोध जताया है. बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने मस्जिद के अंदर हुई कथित पॉलिटिकल मीटिंग को मुसलमानों की भावनाओं को आहत करने वाला बताया है. उन्होंने अखिलेश से माफी की मांग की है. शादाब शम्स के मुताबिक, मस्जिदें आस्था का केंद्र होती हैं और वहां पर नमाज पढ़ी जाती है, ना कि सियासी बैठक की जाती है.

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