भारत पर बढ़ी पाकिस्तान की निर्भरता, चीन के साथ व्यापार घाटे में इजाफा – India Pakistan trade blossoming despite strained ties and recent conflict ntcprk


भारत-पाकिस्तान में तनाव के बावजूद, व्यापार में बढ़ोतरी देखी गई है. मार्च 2025 में समाप्त वित्तीय वर्ष में भारत के साथ पाकिस्तान के व्यापार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. भारत से पाकिस्तान का आयात काफी बढ़ गया है जिससे व्यापार असंतुलन की खाई भी गहरी हो गई है.

पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ ने पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025 में भारत से पाकिस्तान का आयात बढ़कर 22.058 करोड़ डॉलर हो गया. पिछले वित्त वर्ष में भारत से पाकिस्तान का आयात महज 20.689 करोड़ डॉलर था.

वित्त वर्ष 2024 में भारत से पाकिस्तान का आयात 6.62 प्रतिशत बढ़कर 20.689 करोड़ डॉलर हो गया था जो कि वित्त वर्ष 2023 में 19.004 करोड़ डॉलर था.

पाकिस्तान का भारत को निर्यात कितना रहा?

वहीं, वित्त वर्ष 2025 में भारत को पाकिस्तान के निर्यात की बात करें तो यह 14.3 लाख डॉलर पर स्थिर रहा. वित्त वर्ष 2024 में, भारत को पाकिस्तान का निर्यात काफी बढ़ा था और यह 36.69 लाख डॉलर तक पहुंच गया था. इससे पहले 2023 में भारत को पाकिस्तान का निर्यात महज 3.29 लाख डॉलर रहा था.

ये आंकड़ें देखकर पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025 के दौरान दोनों पड़ोसियों के बीच व्यापार में बढ़ोतरी हुई है लेकिन इस व्यापार में पाकिस्तान के लिए घाटा भी बढ़ा है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत को उसका निर्यात और भारत से आयात बराबर नहीं है. भारत से पाकिस्तान का आयात उसके निर्यात से 20 करोड़ डॉलर से अधिक हो गया है.

पाकिस्तान का व्यापार घाटा बढ़ा

वित्त वर्ष 2025 में पाकिस्तान का नौ पड़ोसी देशों के साथ व्यापार घाटा 29.42 प्रतिशत बढ़कर 12.297 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 9.502 अरब डॉलर था.

वित्त वर्ष 2024 में घाटा 9.506 अरब डॉलर था, जो पिछले साल यानी 2023 के 6.382 अरब डॉलर से 49 प्रतिशत अधिक था. पाकिस्तान ने अपना निर्यात बढ़ाने की कोशिश की है, बावजूद इसके क्षेत्रीय पार्टनर्स के साथ उसका व्यापार घाटा बढ़ा है. इस व्यापार घाटे की मुख्य वजह चीनभारत और बांग्लादेश से अधिक आयात रहा है.

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