भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में टूटे पैर के साथ बल्लेबाजी कर अद्भुत साहस दिखाया और अर्धशतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मेडिकल सब्स्टीट्यूट (चोटिल खिलाड़ियों की जगह किसी और को लाने की अनुमति) की इजाजत न देना दिखाता है कि क्रिकेट अब भी पुराने जमाने के नियमों में फंसा है.
दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने टूटे पैर के साथ बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी की. पहले दिन चोटिल होकर रिटायर होने के बाद अगले दिन वह फिर मैदान पर उतरे और अपने स्कोर में 17 रन जोड़कर अर्धशतक पूरा किया.
वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा, ‘टूटा पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना जबरदस्त था. उन्होंने हिम्मत और स्किल दोनों दिखाई, लेकिन वे ठीक नहीं थे. दौड़ नहीं पा रहे थे, और इससे उनकी चोट और बढ़ सकती थी.’
उन्होंने कहा कि विकेटकीपर की जगह तो सब्स्टीट्यूट खेलने आता है, लेकिन बैटिंग या बॉलिंग के लिए नहीं- यह नियम बिल्कुल अजीब और गलत है. क्रिकेट ही अकेला खेल है जिसमें ऐसी स्थिति में खिलाड़ी नहीं बदला जा सकता. यह पुराने जमाने की सोच है.
उम्र के लिए एक दस्तक! 💪#RishabhPant सेवानिवृत्त होने के बाद लौटे और दुनिया को दिखाया कि सच्ची धैर्य कैसा दिखता है।
आप ऋषभ पंत की वापसी की दर कैसे करेंगे? 👇#Engvind 👉 4 वां परीक्षण, दिन 3 | शुक्र, 25 वीं जुलाई, 2:30 बजे | Jiohotstar पर स्ट्रीमिंग! pic.twitter.com/qsdlwzkibc
– स्टार स्पोर्ट्स (@starsportsindia) 24 जुलाई, 2025
वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर.अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए.’
उन्होंने सुझाव दिया कि मैच से पहले हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप प्लेयर तय कर लिया जाए. दोनों टीमें उसे मंजूरी दें. मैच रेफरी इसकी निगरानी करे.
वॉन ने यह भी कहा, ‘कंन्कशन (सिर की चोट) के लिए तो सब्स्टीट्यूट मिल जाता है, लेकिन बाकी चोटों के लिए नहीं- यह समझ से बाहर है.’
वॉन ने पंत के पहले दिन क्रिस वोक्स के खिलाफ खेले गए रिवर्स स्वीप शॉट को ‘मूर्खतापूर्ण’ बताया, और कहा कि पंत को इसे अधिक पारंपरिक ढंग से खेलना चाहिए था.
वॉन ने कहा, ‘पंत जैसा खिलाड़ी कभी देखा नहीं गया. वे अलग हैं. चोट खुद की गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने जो साहस दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ था.वे लंगड़ाते हुए मैदान पर आए, उनका एक जूता बड़ा और मोटा था, फिर भी उन्होंने बेन स्टोक्स की तेज गेंदबाजी में बल्लेबाजी की- आम खिलाड़ी ऐसा करने से डर जाते.
—- समाप्त —-

