प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव के दौरे पर हैं. मालदीव द्वारा उन्हें स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के लिए मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. जब प्रधानमंत्री मोदी माले एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उनका भव्य स्वागत किया गया. राष्ट्रपति मुइज्जू ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया. साथ ही प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी दी गई.

प्रधानमंत्री मोदी का यह तीसरा मालदीव का दौरा है. मुइज्जू के कार्यकाल के दौरान किसी भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की पहली यात्रा है. यह यात्रा दोनों देशों के लिए काफी अहम माना जा रहा है.

भारत ने प्रधानमंत्री की मालदीव यात्रा के दौरान नए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत मालदीव को 4,850 करोड़ की लोन सहायता प्रदान किया है.

भारत को मालदीव से क्या-क्या मिला?

भारत सरकार ने मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये की नए लोन सहायता का विस्तार किया है. यह कदम भारत और मालदीव के द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इस वित्तीय सहायता के तहत मालदीव को विकास परियोजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन मुहैया कराए जाएंगे, जिससे मालदीव की आर्थिक स्थिरता और विकास दर में सुधार होगा.

इसी के साथ, भारत और मालदीव के बीच मुक्त व्यापार समझौता (IMFTA) पर बातचीत भी शुरू हो चुकी है. यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा, जिससे आर्थिक सहयोग और लाभकारी साझेदारी को प्रोत्साहन मिलेगा. IMFTA के माध्यम से मालदीव के कई उत्पादों को भारत के बाजार में प्रवेश मिलेगा, जबकि भारत के उत्पाद भी मालदीव में अधिक कॉम्पिटिटिव बनेंगे.

इसके अलावा, भारत–मालदीव राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत सरकार ने एक स्मारक डाक टिकट का संयुक्त विमोचन किया है. यह डाक टिकट दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और मजबूत संबंधों का प्रतीक है, जो भविष्य में भी सहयोग की भूमिका को उजागर करता रहेगा.

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