भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को यमन में सुनाई गई मौत की सजा को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है. इस बात की जानकारी भारत के ग्रैंड मुफ्ती कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के कार्यालय ने एक बयान जारी कर दी है. हालांकि बयान में ये भी स्पष्ट किया गया कि अभी यमन की सरकार से आधिकारिक लिखित पुष्टि प्राप्त नहीं हुई है. बयान में कहा गया है कि निमिषा प्रिया की मौत की सजा, जिसे पहले स्थगित किया गया था, अब पूरी तरह से रद्द कर दी गई है.
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक ग्रैंड मुफ्ती के ऑफिस ने बताया कि यमन की राजधानी सना में एक हाईलेवल मीटिंग के दौरान ये फैसला लिया गया है.
निमिषा प्रिया का मामला वर्ष 2018 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा है. निमिषा पर अपने बिजनेस पार्टनर की हत्या करने और फिर शव के टुकड़े कर देने के आरोप हैं. उन्हें मार्च 2018 में हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया था और 2020 में यमनी अदालत ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी.

इस मामले में नया मोड़ तब आया जब यमन के राष्ट्रपति रशाद अल-आलिमी ने दिसंबर 2024 में उनके फांसी पर हस्ताक्षर कर दिए थे. इसके बाद जनवरी 2025 में हूती विद्रोही नेता महदी अल-मशात ने भी इस पर अपनी मंजूरी दे दी थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई थी.
बीते कुछ महीनों में निमिषा को बचाने के लिए कूटनीतिक और धार्मिक स्तर पर प्रयास तेज़ हुए, जिसमें भारत के धार्मिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अहम भूमिका निभाई.
यह खबर शुरुआती सूचनाओं के साथ प्रकाशित की गई है. जल्द नए अपडेट्स जोड़े जाएंगे.
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