शाहजहांपुर में IAS अफसर ने क्यों लगाई उठक-बैठक? SDM रिंकू सिंह राही ने खुद बताई वजह, जानिए पूरा मामला – Why did IAS officer do sit ups in Shahjahanpur SDM Rinku Singh Rahi himself told reason know whole matter lclam


उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एसडीएम के रूप में पोस्टेड आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही का एक वीडियो वायरल है. इस वीडियो में वह तहसील परिसर में वकीलों के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक करते नजर आ रहे हैं. वहीं, जब एक वकील उनका हाथ पकड़कर रोकने की कोशिश करता है तो वह उसे झिड़क देते हैं. वकील कहते रहे- रहने दीजिए, रहने दीजिए… मगर एसडीएम नहीं माने. जब इसको लेकर उनसे पूछा गया तो उन्होंने घटना के पीछे की पूरी कहानी बताई.

बकौल रिंकू सिंह- मंगलवार को पुवायां तहसील में उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के रूप में तैनाती का पहला दिन था. निरीक्षण के दौरान परिसर में गंदगी फैली हुई थी. कुछ लोग खुले में पेशाब कर रहे थे. एक मिसाल कायम करने के लिए उन लोगों से सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक लगवाई थी, लेकिन इसको लेकर कुछ वकील नाराज हो गए.

जब हड़ताली वकीलों के एक समूह ने तहसील परिसर की गंदगी, जिसमें गंदे शौचालय और आवारा जानवर शामिल थे, की ओर इशारा किया, तो रिंकू सिंह राही ने अपनी गलती स्वीकार की और कान पकड़कर खुद भी उठक-बैठक लगाई. इस दौरान कुछ वकील उन्हें रोकते हुए नजर आए, मगर वह नहीं रुके.

राही ने कहा कि उन्होंने पहले लोगों को शौचालय का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी, लेकिन कुछ लोगों ने मना कर दिया और तहसील परिसर में खुले में पेशाब करना जारी रखा. जिसके बाद उनसे उठक-बैठक लगवाई गई. साथ ही परिसर में घूमते पाए गए कुछ स्कूली बच्चों के अभिभावकों से भी इस तरह की हरकतों को रोकने के लिए उठक-बैठक करवाई गई. देखें वीडियो-

एसडीएम राही ने कहा, “वकील हड़ताल पर थे. जब मैं उनसे मिला, तो उन्होंने मुझसे उठक-बैठक कराने के बारे में पूछा. मैंने बताया कि यह नियम बार-बार होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए है. जिसपर वकीलों ने कहा कि तहसील परिसर भी गंदा है और पूछा कि क्या मैं इसके लिए भी उठक-बैठक कर सकता हूं. मैंने कहा- हां, चूंकि यह हमारी गलती थी, इसलिए लगाई उठक-बैठक.”

एसडीएम ने आगे कहा- “तहसीलदार ने मुझे बताया कि 10 दिन पहले यहां बहुत गंदगी थी. उन्होंने काफी हद तक गंदगी साफ करवा दी है. इसके बाद भी अगर समस्या बनी रही, तो यह हमारी गलती है और मैं इसे स्वीकार करता हूं.”

फिलहाल, कुछ लोगों ने जहां एसडीएम के इस कदम को विनम्रता और जिम्मेदारी भरा बताया. जबकि, कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि क्या एक अधिकारी को खुद को ऐसे पब्लिकली सजा देनी चाहिए.

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