दुनिया में शीर्ष 10 सबसे बड़ा भूकंप: 30 जुलाई यानि 2025 को रूस के कमचटका प्रायद्वीप के पास समुद्र में 8.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है. इस भीषण भूकंप के झटके रूस के कुरील द्वीप और जापान के होक्काइडो द्वीप तक महसूस किए गए हैं. भूकंप के बाद तटीय इलाकों में सुनामी की लहरें उठीं. अमेरिका और न्यूजीलैंड सहित कई अन्य देशों में भी सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है. कमचटका में आया यह भूकंप अब तक दर्ज दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली भूकंपों में शामिल हो गया है. इतिहास में इससे पहले भी कई बड़े भूकंपों ने भयंकर तबाही मचाई है. आइए जानते हैं इन 10 सबसे बड़े भूकंप के बारे में जिन्होंने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी थी.

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अब तक के सबसे बड़े भूकंप

  • 1. चिली (1960) – 9.5 तीव्रता, बायोबायो क्षेत्र में आया यह भूकंप ‘वल्दिविया भूकंप’ के नाम से जाना जाता है. इसमें 1,655 लोगों की मौत हुई और करीब 20 लाख लोग बेघर हुए.
  • 2. अलास्का, अमेरिका (1964) – 9.2 तीव्रता, गुड फ्राइडे के दिन आए इस भूकंप में 130 लोगों की मौत हुई थी और 2.3 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था.
  • 3. इंडोनेशिया (2004) – 9.1 तीव्रता, सुमात्रा में आए इस भूकंप ने भयानक सुनामी को जन्म दिया. इस त्रासदी में 2.8 लाख से ज्यादा लोगों की जान गई और 11 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए.
  • 4। जापान (2011) – 9.1 तीव्रता, तोहोकू क्षेत्र में आया यह भूकंप ‘ग्रेट ईस्ट जापान अर्थक्वेक’ कहलाता है. इसमें 15,000 से ज्यादा लोगों की जान गई और 1.3 लाख लोग बेघर हुए.
  • 5. रूस (1952) – 9.0 तीव्रता, कमचटका क्राय क्षेत्र में आया यह पहला दर्ज 9.0 तीव्रता वाला भूकंप था. इससे आई सुनामी ने हवाई में भारी तबाही मचाई थी.

Top 10 Biggest Earthquakes In World in Hindi: अन्य बड़े भूकंप

दुनिया के इतिहास में कई बार ऐसे विनाशकारी भूकंप आए हैं, जिन्होंने न केवल भारी जान-माल का नुकसान किया, बल्कि भूगोल और समाज को भी झकझोर दिया. साल 2010 में चिली के बायोबायो क्षेत्र में 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 523 लोगों की मौत हुई और 3.7 लाख से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए थे. इससे पहले 1906 में इक्वाडोर और कोलंबिया की सीमा पर 8.8 तीव्रता का ही एक और बड़ा भूकंप आया था, जिससे उत्पन्न सुनामी ने 1,500 लोगों की जान ले ली थी. इसकी लहरें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को तक पहुंच गई थीं.

वहीं, 1965 में अलास्का में आए 8.7 तीव्रता के भूकंप से 35 फीट ऊंची सुनामी उठी, जिसने तटीय क्षेत्रों को तबाह कर दिया. भारत में भी 1950 में असम-तिब्बत क्षेत्र में 8.6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसमें 780 लोगों की जान गई थी. इस दौरान बड़े पैमाने पर भूस्खलन, जमीन फटने और रेत उभरने जैसी घटनाएं दर्ज की गईं. इसके अलावा, 2012 में इंडोनेशिया के सुमात्रा में 8.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी वजह से कई लोगों की जान चली गई. खास बात यह रही कि जान गंवाने वाले अधिकतर लोगों की मौत दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई थी.

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