लखनऊ से एक अहम प्रशासनिक खबर सामने आई है. आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही का तबादला राजस्व परिषद, लखनऊ में कर दिया गया है. वे हाल ही में शाहजहांपुर में एसडीएम के पद पर तैनात थे.
रिंकू सिंह राही हाल ही में एक विवाद के चलते सुर्खियों में आ गए थे. शाहजहांपुर में उन्होंने एक वकील से उठक-बैठक करवाई थी, जिसके बाद स्थानीय वकीलों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. मामला तूल पकड़ने के बाद खुद रिंकू सिंह राही ने भी सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक कर माफी जताई, जिससे मामला शांत हुआ.
अब राज्य सरकार ने उनका तबादला कर उन्हें लखनऊ स्थित राजस्व परिषद में पदस्थ किया है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह स्थानांतरण विवाद से जुड़ा हुआ है या नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है.
बहरहाल, यह घटनाक्रम एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों और आमजन/पेशेवर वर्ग के बीच व्यवहार की सीमाओं को लेकर चर्चा में आ गया है.
2009 में 83 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया था
IAS रिंकू सिंह राही वही अधिकारी हैं, जिन्होंने 2009 में 83 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया था. इस साहसिक कदम के बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ. बदमाशों ने उन्हें सात गोलियां मारीं. हालांकि वह इस हमले में जिंदगी की जंग जीत गए, लेकिन उनकी चेहरे की बनावट बुरी तरह से खराब हो गई. इसके बावजूद ईमानदारी और साहस की उनकी चमक कभी फीकी नहीं पड़ी.
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