बिहार बाढ़ अद्यतन: बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर से रविवार सुबह 10 बजे तक के अपडेट के अनुसार भारी जलप्रवाह दर्ज किया गया है. बैराज से उपरी जल प्रवाह (U/S discharge) करीब 1,09,500 क्यूसेक रहा, जबकि निचली ओर (D/S discharge) 86,000 क्यूसेक मापा गया. बैराज का ऊपरी जल स्तर 362.00 फीट और निचला जल स्तर 345.00 फीट रिकॉर्ड किया गया, जो जल स्तर में लगातार वृद्धि की ओर संकेत करता है.
बेतिया, गोपालगंज, सारण और छपरा में चेतावनी जारी
बिहार में बाढ़ का खतरा फिर मंडराने लगा है. रविवार सुबह 10 बजे तक के जल संसाधन विभाग के अपडेट के मुताबिक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 1.09 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. यह जलस्तर गंडक नदी के उपरी प्रवाह (U/S discharge) में रिकॉर्ड किया गया, जबकि निचली ओर (D/S discharge) पर 86,000 क्यूसेक जल प्रवाहित हुआ. बैराज का ऊपरी जल स्तर 362.00 फीट और निचला जल स्तर 345.00 फीट रहा—जो पानी के लगातार बढ़ते दबाव को दिखाता है.
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बेतिया, गोपालगंज, सारण और छपरा जैसे तटवर्ती जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, और जिला प्रशासन सतर्कता के साथ गश्त और निगरानी में जुटे हुए हैं.
नेपाल से आने वाले पानी का सीधा असर बिहार के तटीय जिलों पर
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी का सीधा असर बिहार के तटीय जिलों पर पड़ता है, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. बिहार सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संवेदनशील जिलों में सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी है. संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को आवश्यक सामान के साथ सतर्क रहने की सलाह दी गई है. जल संसाधन विभाग की टीमें गश्त कर रही हैं और जल स्तर की 24×7 निगरानी की जा रही है.
जनता से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें, और केवल सरकारी विभागों द्वारा जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें. किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करें.
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