GenAI से बदल रही साइबर सुरक्षा की दुनिया, भारत में शुरू हो रही नयी क्रांति


GenAI Usage: भारत अब केवल आईटी सेवाओं का केंद्र नहीं रहा, बल्कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित साइबर सुरक्षा शिखर सम्मेलन में एक्सेल के पार्टनर प्रयांक स्वरूप ने इस दिशा में भारत की संभावनाओं को रेखांकित किया.

तेजी से बढ़ता साइबर सुरक्षा इकोसिस्टम

भारत में वर्तमान में 1,400 से अधिक साइबर सुरक्षा स्टार्टअप्स सक्रिय हैं

इनमें से केवल 235 स्टार्टअप्स को ही निवेश प्राप्त हुआ है, जो इस क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाओं को दर्शाता है

वैश्विक साइबर सुरक्षा बाजार अगले तीन वर्षों में $377 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है, जिससे भारत को एक बड़ा अवसर मिल सकता है.

भारत के संस्थापक अब इनोवेटर्स की भूमिका में

प्रयांक स्वरूप का मानना है कि भारत के संस्थापक अब केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि इनोवेटर्स बन सकते हैं. उन्होंने कहा, महान साइबर सुरक्षा कंपनियों को समय लगता है, लेकिन जब वे स्थापित होती हैं, तो वे पूरे उद्योग को नया रूप देती हैं.

जेनरेटिव एआई का प्रभाव

जेनरेटिव एआई साइबर सुरक्षा रणनीतियों को पूरी तरह बदल रहा है

यह पहचान को धुंधला कर रहा है और सोशल इंजीनियरिंग को बढ़ावा दे रहा है, जिससे खतरे और जटिल हो गए हैं.

साइबर सिक्योरिटी इनोवेशन का नया केंद्र बन रहा भारत

एक्सेल ने पहले क्राउडस्ट्राइक जैसी साइबर सुरक्षा दिग्गज कंपनी में निवेश किया था, जिसका वर्तमान मूल्यांकन $116 अरब डॉलर से अधिक है. यह भारत में निवेशकों के लिए एक प्रेरणा है कि वे अगली पीढ़ी की साइबर सुरक्षा कंपनियों में विश्वास करें.

भारत अब साइबर सिक्योरिटी इनोवेशन का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है, जहां से वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली कंपनियां उभर सकती हैं.

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