UP: एंबुलेंस कर्मियों की शर्मनाक करतूत! घायल युवक को अस्पताल ले जाने की बजाय सड़क किनारे फेंका, इलाज के अभाव में मौत – ambulance staff abandons unconscious man kaushambi death case arrested lclcn


उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है. यहां 108 एंबुलेंस सेवा के दो कर्मियों ने एक घायल और बेहोश युवक को अस्पताल ले जाने की बजाय सुनसान सड़क किनारे फेंक दिया, जिससे समय पर इलाज न मिलने के कारण युवक की मौत हो गई. घटना 31 जुलाई की बताई जा रही है, जब संदीपन घाट थाना क्षेत्र में इस अमानवीय हरकत को अंजाम दिया गया.

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. युवक को पहले जिला अस्पताल और फिर हालत नाजुक होने पर SRN अस्पताल प्रयागराज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की और एसपी राजेश कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई.

यह भी पढ़ें: प्रेमजाल में फंसा कर कराया धर्म परिवर्तन, फिर किया गैंगरेप, कौशांबी में धर्मांतरण का सनसनीखेज मामला, आरोपी गिरफ्तार

जांच के दौरान मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने एम्बुलेंस (UP32EG 4897) और उससे जुड़े कर्मियों को चिन्हित किया. दोनों आरोपियों की पहचान नरेश कुमार सरोज (निवासी – बिसारा गांव, थाना कोखराज) और आशीष मिश्रा (निवासी – चन्दूपुर, थाना सराय अकिल) के रूप में हुई. दोनों को तेरामील सैयद सारांवा रोड के पास से गिरफ्तार किया गया.

कड़ाई से पूछताछ में इन एंबुलेंस कर्मचारियों ने सनसनीखेज खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक अज्ञात युवक मुंडेरा मंडी, प्रयागराज में बेहोशी की हालत में पड़ा है. मौके पर पहुंचने के बाद वे उसे भगवतपुर अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में आपस में ये सोचकर चर्चा की कि अस्पताल में डॉक्टर न होने के कारण उसे भर्ती नहीं किया जाएगा. फिर वे आलमचंद्र सीएचसी के लिए निकले लेकिन वहां भी यही सोचकर कि कोई भर्ती नहीं करेगा, उन्होंने युवक को आलमचंद्र पुलिया के पास सुनसान स्थान पर फेंक दिया और भाग निकले.

मामले में पुलिस ने कही ये बात

एसपी राजेश कुमार ने बताया कि पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच टीम गठित की गई थी और दोनों एंबुलेंस कर्मियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है. इस घटना ने न सिर्फ 108 सेवा की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आम जनता में भी रोष व्याप्त है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *