‘नामुमकिन’ मोहम्मद सिराज की शब्दावली में नहीं है. भारतीय तेज गेंदबाज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर हौसला हो तो कुछ भी संभव है. ओवल टेस्ट में उन्होंने ऐसा कमाल कर दिखाया जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. यह भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी वापसी में से एक थी.

सिराज ने ऐतिहासिक जीत के बाद कहा, ‘मैं सुबह उठा, गूगल खोला और ‘Believe’ (विश्वास) इमोजी वाली वॉलपेपर सेट की. खुद से कहा- मैं ये देश के लिए करूंगा.’

जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में सिराज ने टीम की अगुवाई की ज़िम्मेदारी उठाई और डीएसपी (तेलंगाना पुलिस) की अपनी पहचान के साथ भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ बनकर उभरे. उन्होंने पूरी श्रृंखला में 185.3 ओवर गेंदबाजी की और 23 विकेट लेकर भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई.

एक ऐसे मैच में जहां हर पल दिल थामने वाला था, अंत में सिराज की मेहनत और आत्मविश्वास ने भारत को एक यादगार जीत दिलाई—एक ऐसी जीत, जो क्रिकेट इतिहास में दर्ज हो गई.

इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक पांचवें टेस्ट में भारत की जीत के शिल्पकार रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा कि उन्हें हमेशा से यकीन था कि वह किसी भी स्थिति से टीम को जीत दिला सकते हैं और उन्होंने यही किया.

इंग्लैंड को आखिरी दिन मैच और सीरीज जीतने के लिये 35 रन और भारत को चार विकेट की जरूरत थी. आखिरकार इंग्लिश टीम 367 रनों पर ढेर हो गई.  इस मैच से पहले सीरीज में 2-1 से आगे इंग्लैंड ने जीत के लिए ओवल मैदान पर रिकॉर्ड 374 रनों का पीछा करते हुए रविवार को चौथे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट पर 339 रन बना लिये थे.

इसके साथ ही मोहम्मद सिराज के करिश्माई प्रदर्शन से इंग्लैंड को 6 रनों से हराकर सीरीज 2-2 से बराबर कर दी जिसे क्रिकेट की दो दिग्गज टीमों के बीच बेहद कड़े मुकाबले के रूप में हमेशा याद किया जाएगा.

सिराज ने तूफानी गेंदबाजी का नजारा पेश करते हुए 104 रन देकर पांच विकेट चटकाए और टीम की जीत के नायक साबित हुए. उन्होंने सीरीज में कुल 23 विकेट चटकाए और दोनों टीमों में सबसे सफल गेंदबाज रहे.

—- समाप्त —-





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *