Ind बनाम Eng 5th परीक्षण कैसे भारत ने अंडाकार में इतिहास को चित्रित किया: ओवल में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पांचवें टेस्ट मैच में सबकी सांसें रुकी हुई थीं. आखिरी दिन इंग्लैंड को 35 रन की जरूरत थी, तो भारत को 4 विकेट की. मैच किसी भी ओर जा सकता था. मैदान पर हजारों दर्शक अपनी सीट पर बैठे थे, तो न गिने जा सकने वाले लोग जरूर अपने घरों की टीवी पर टकटकी लगाए बैठे होंगे. जब भारत में घड़ी ने दोपहर के बाद 3.30 का इशारा किया, तो प्रसिद्ध अपना पिछलने दिन की बाकी बची चार गेंदें पूरा करने दौड़े और क्रीज पर मौजूद जेमी ओवरटन ने पहली ही गेंद पर चौका जड़ दिया. भारतीय समर्थकों ने सिर पकड़ लिया. लेकिन “भारत माता की जय” के नारे नहीं रुके. अगली गेंद फिर इनसाइड एज लेकर बाउंड्री की तरफ निकल गई. अब लक्ष्य सिर्फ 27 रन दूर था. मेजबान टीम के लिए यह कोई बड़ी चुनौती नहीं लग रही थी. लेकिन भारत हार मानने को तैयार नहीं था और दूसरे छोर से मोहम्मद सिराज गेंदबाजी करने आए.

एक शेर की तरह इस सीरीज में दहाड़े सिराज बिल्कुल भी थके हुए नहीं नजर आए. उनकी तेज चाल से साफ पता चल रहा था कि वे पूरी तरह तैयार हैं. फिर अगले 30 मिनट उन्होंने हर गेंद को एक इवेंट बना दिया. अपने इसी ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने जेमी स्मिथ को पवेलियन भेजा और इस सीरीज में आखिरी बार अपना सब कुछ झोंक दिया. इसी ओवर में एक और मौका फिर बना, लेकिन केएल राहुल की एक कैच लपकने की कोशिश जरा कम रह गई, गस एटकिंसन का कैच नो-मैन्स लैंड में गिरा और सिराज का पहला ओवर सिनेमा जैसा समाप्त हुआ.

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मोहम्मद सिराज. तस्वीर- सोशल मीडिया.

सिराज पूरे इरादे और जोश के साथ गरज रहे थे, वे हर हाल में मैच खत्म करना चाहते थे. ओवरकास्ट सुबह में थोड़ी बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन पिछले दिनों की ठंडक नहीं थी. तापमान और माहौल दोनों गर्म थे और भारत, चौथे दिन के आखिरी सत्र से मिली लय को आगे बढ़ाते हुए, कुछ खास करने के मूड में था. भले ही प्रसिद्ध कृष्णा के ओवर में रन आए, सिराज दूसरे छोर से दबाव बनाते रहे. लगातार स्विंग होती गेंदें, मिस-हिट्स और आखिरकार एक जोरदार अपील के बाद भारत को अंपायर कॉल से विकेट मिला. जेमी ओवरटन 9 रन बनाकर आउट हुए. अब इंग्लैंड को 20 रन चाहिए थे और भारत को केवल दो विकेट बचे थे.

भीड़ लगातार खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रही थी और हर डीआरएस को बड़े स्क्रीन पर देखते हुए अलग-अलग टीमों के समर्थकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दिख रही थीं. प्रसिद्ध और सिराज दोनों 140 किमी/घंटा से ऊपर की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे और भारत ने नई गेंद नहीं ली क्योंकि पुरानी गेंद बादलों से ढके मौसम में बेहतर स्विंग कर रही थी. 17 गेंदें हो चुकी थी, लेकिन भारत का हाथ खाली थी, फिर प्रसिद्ध कृष्णा ने वो मैजिक गेंद डाली और जोश टंग को हिलने तक का मौका नहीं मिला, प्रसिद्ध की धारदार यॉर्कर ने टंग की गिल्लियां उड़ा दीं. भारत को मिला नौवां विकेट और सीरीज बराबर करने का साफ मौका.

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मोहम्मद सिराज और ध्रुव जुरेल. तस्वीर- सोशल मीडिया.

इसके बाद जब क्रिस वोक्स मैदान पर आए तो उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन और जोरदार तालियों से स्वागत मिला. उनका बायां कंधा उखड़ा हुआ था और वे साफ तौर पर दर्द में थे, लेकिन वे पूरी तरह अपनी टीम के लिए सब कुछ झोंकने को तैयार थे. दर्शकों में कई लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि वोक्स एक हाथ से किसी गेंद को रोक भी पाएंगे. इंग्लैंड एक तरह से हैंडीकैप मैच खेल रहा था और जीत के लिए एटकिंसन को कोई कमाल करना जरूरी था. मैदान में तनाव चरम पर था.

इसी बीच सिराज के अगले ओवर में एटकिंसन ने एक छक्का जड़ दिया. आकाश दीप के बाउंड्री लाइन से थोड़ा आगे खड़ा होने की वजह से गेंद उनके हाथ से छिटककर बाउंड्री लाइन के पार जा गिरी. भारत और उनके प्रशंसकों की सांसे और तेजी से चलने लगीं. हालांकि इसके बाद किसी तरह बचते-बचाते इंग्लैंड के दोनों बल्लेबाजों ने आखिरी गेंद पर रन लेकर सिराज और कृष्णा का अगला ओवर निकाल दिया. लेकिन “मियां भाई” सिराज के पास अभी आखिरी हथियार बाकी था.

भारत जानता था कि वोक्स की वजह से इंग्लैंड या तो सिंगल ले सकता है या फिर बाउंड्री. गिल ने सभी फील्डरों को बाउंड्री पर भेज दिया. सिराज ने 86वें ओवर की पहली गेंद 143 किमी/घंटा की रफ्तार से यॉर्कर डाली, जो सीधे स्टंप्स पर जा लगी. इसके बाद सिराज का “Siu” सेलिब्रेशन और मैदान पर जश्न शुरू हो गया. भारत ने ओवल टेस्ट 6 रन से जीतकर टेस्ट सीरीज ड्रॉ करा दी. 57 मिनट और 53 गेंद के इस नर्क जैसे दबाव भरे खेल के बाद भारत ने वह कर दिखाया जिसकी, न इस दिन से पहले, न इस सीरीज से पहले किसी उम्मीद थी.

भारत ने इंग्लैंड में सीरीज बराबर कर ली. इसके बाद टीम ने विजय परिक्रमा की, गिल और उनके साथियों ने मुट्ठी हवा में लहराईं, उन्होंने ओवल में आखिरी बार एक और लैप पूरा किया. गौतम गंभीर के माथे पर पड़ा बल मिट गया. ड्रेसिंग रूम में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. मोर्ने मोर्कल ने गंभीर को उठा लिया. कोच गंभीर मैदान पर पहुंचे और शुभमन गिल को चूम लिया. जब से गौतम गंभीर टीम इंडिया के कोच बने हैं, टेस्ट क्रिकेट में भारत को खास सफलता नहीं मिली है. अगर भारत इस मैच को नहीं बचा पाता, तो इसके बाद गंभीर और गिल दोनों के लिए राह मुश्किल हो जाती. लेकिन अब गिल संतुष्ट हो सकते हैं और गंभीर थोड़ी चैन की सांस…

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