Uttarkashi – हैलीपैड बहा, हर्षिल में सेना कैंप भी चपेट में आया, कई जवान लापता… हादसे के वक्त धराली में मौजूद थे 200 लोग! – uttarakhand Uttarkashi Cloudburst Dharali army camp green rock mountain Harsil tourist hill station ntc


उत्तराखंड के उत्तरकाशी में मंगलवार दोपहर करीब 01:45 बजे, हरसिल स्थित भारतीय सेना के कैंप से करीब 4 किलोमीटर दूर, धराली गांव में बादल फटने से तबाही मच गई. बादल फटने की घटना के बाद आई भीषण बाढ़ में करीब चार लोगों की मौत हो गई और 50 से ज़्यादा लोग लापता हैं.

इस बाढ़ से पवित्र गंगोत्री धाम का सभी सड़क संपर्क टूट गया है. इस आपदा के कारण पानी और मलबे का एक ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया और कई एजेंसियां इमरजेंसी हेल्प के लिए भेजी गई हैं.

एक चश्मदीद ने इंडिया टुडे टीवी को बताया, “होटलों से लेकर बाज़ारों तक सब कुछ तबाह हो गया है मैंने पहले कभी ऐसी आपदा नहीं देखी.”

हरी शिला पर्वत स्थित सात ताल इलाके से खीर गंगा आती है, जहां से बादल फटा है. दाहिने तरफ़ धराली इलाका है, बाएं तरफ़ हर्षिल का तेल गाट में आर्मी कैम्प है. इस हादसे के समय धराली में स्थानीय और यात्रियों को मिलाकर 200 से ज्यादा लोग मौजूद थे.

ये आर्मी कैंप भी इसकी चपेट में आया, यहां पर आर्मी मेस और कैफे है. कई जवानों के हादसे में लापता होने की आशंका है. हर्षिल में सेना की 14 राजरिफ़ यूनिट की तैनाती है. इसके अलावा उत्तरकाशी से 18 किमी दूर नेतला में भी लैंड स्लाइड आने से धराली तक नहीं पहुंचा जा सकता है.

यह भी पढ़ें: ‘मदद पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही’, उत्तरकाशी की त्रासदी पर PM मोदी ने जताया दुख

हेलीपैड बहा…

हर्षिल में नदी के किनारे बना हेलीपैड भी बह गया है. भारी बारिश की वजह से हेलीकॉप्टर से राहत और बचाव का काम नहीं हो पा रहा है. हर्षिल इलाके में खीरगढ़ नाले के उफान पर होने से तबाही और बढ़ गई, जिसके चलते उत्तरकाशी पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और अन्य बचाव दल सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में राहत कार्य शुरू करने के लिए मजबूर हो गए. जिस जगह पर भूस्खलन हुआ, उसके पास तैनात भारतीय सेना सबसे पहले राहतकर्मियों में शामिल थी, जिसने करीब 15 लोगों को बचाया.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *