पश्चिम बंगाल के कूचबिहार (Cooch Behar) में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर प्रोटेस्ट के दौरान कथित तौर पर हमला हुआ है. इस दौरान तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं. जानकारी के मुताबिक, शुभेंदु का काफिला कूचबिहार पहुंचने के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने काले झंडों के साथ रोड पर विरोध प्रदर्शन किया. मामले के बाद जिले के खगराबाड़ी इलाके में तनाव फैल गया.

जिस वाहन में अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक बैठे थे, उसके बुलेटप्रूफ शीशे तोड़ दिए गए. करीब एक पुलिस एस्कॉर्ट वाहन के शीशे टूट गए. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को ‘सुनियोजित नाटक’ करार दिया है.

शुभेंदु अधिकारी को कूचबिहार एसपी कार्यालय में एक प्रतिनिधिमंडल सौंपना था, जिसमें जिले में बीजेपी कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था.

कूचबिहार क्यों पहुंचे थे बीजेपी नेता?

कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के साथ, शुभेंदु अधिकारी उत्तर बंगाल जिले में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर कथित बर्बरता के विरोध में कूचबिहार पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के बाहर बीजेपी की एक रैली और प्रदर्शन का नेतृत्व करने और एक ज्ञापन सौंपने के लिए गए थे.

तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित ‘बीजेपी शासित राज्यों में बंगालियों के उत्पीड़न’ और ‘बंगाल में पिछले दरवाज़ों से एनआरसी लागू करने की कोशिशों’ के विरोध में ज़िलों के 19 स्थानों पर एक साथ धरना दिया था, जिनमें से ज़्यादातर धरना उस रास्ते पर थे, जहां से शुभेंदु अधिकारी का काफ़िला गुज़रा.

एजेंसी के मुताबिक, बीजेपी नेता अधिकारी को घोक्साडांगा इलाके के पास ‘वापस जाओ’ और ‘चोर’ के नारे लगे और कूचबिहार शहर पहुंचने के रास्ते में जगह-जगह काले झंडे लहराए गए.

बीजेपी नेताओं ने क्या आरोप लगाए?

बीजेपी नेताओं के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के झंडे और काले झंडे लिए एक भीड़ दोपहर करीब 12.35 बजे खगराबाड़ी चौराहे पर जमा हो गई, जब अधिकारी का काफ़िला उस इलाके से गुज़र रहा था.

शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया, “तृणमूल कांग्रेस ने इस इलाके में घुसपैठ करने वाले रोहिंग्याओं को इकट्ठा किया और उनसे हमला करवाया.” उन्होंने दावा किया, “लोगों ने उनकी कार को रॉड और लाठियों से तोड़ने की कोशिश की और नाकाम होने पर, भारी पत्थरों से बुलेटप्रूफ शीशे तोड़ दिए.”

बीजेपी नेता ने कहा कि वह कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए एसपी के ख़िलाफ़ पूरी क़ानूनी कार्रवाई करेंगे. अधिकारी ने कहा, “चूंकि इस कार्यक्रम को हाई कोर्ट की मंज़ूरी प्राप्त है, और मुझे अंदेशा था कि ऐसा कुछ हो सकता है, इसलिए मैंने यहां आने से पहले पुलिस और प्रशासन को बताने के लिए ज़रूरी कदम उठाए थे. अब एसपी को सज़ा भुगतनी होगी.”

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पूर्व केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने आरोप लगाया कि हमले का नेतृत्व उत्तर बंगाल विकास विभाग के मंत्री उदयन गुहा ने किया था.

हालांकि, टीएमसी ने दावा किया कि इस तोड़फोड़ में कोई भी टीएमसी कार्यकर्ता शामिल नहीं था और यह हमला बीजेपी की अंदरूनी कलह का नतीजा था.

पूर्व सांसद और टीएमसी के कूचबिहार ज़िला अध्यक्ष पार्थ प्रतिम रे ने कहा, “टीएमसी कार्यकर्ताओं ने आज शुभेंदु अधिकारी के ख़िलाफ़ खुद ही विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन हमारी तरफ़ से बीजेपी नेताओं पर कोई हमला नहीं किया गया.”

उन्होंने आरोप लगाया, “बीजेपी ने अंदरूनी बदला लेने और मीडिया में फ़ुटेज हासिल करने के लिए ख़ुद ही इस हिंसा की योजना बनाई.” इस घटना में किसी के घायल होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है.

(एजेंसी के इनपुट के साथ)

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