उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही मची है. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 50 लोग लापता बताए जा रहे हैं. पहाड़ों से बहकर आए मलबे में कई घर तबाह हो गए हैं. पीएम मोदी ने उत्तरकाशी हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई है. हादसे के बाद जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 01374222126, 9456556431 जारी किए हैं.

वहीं, स्थानीय निवासी ने आजतक को बताया कि आज (मंगलवार को) दोपहर डेढ़ बजे फ्लड आई, इससे धराली में भारी तबाही मची है. करीब 60 से 70 लोगों का पता नहीं चल पा रहा है. उनके संपर्क नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि साल 1978 में 5 अगस्त को ही कंजोडिया नामक जगह पर बाढ़ आई थी. आज धराली में तबाही मची है. उन्होंने कहा कि बादल फटने से होटल, लॉज,मार्केट और गांव सब तबाह हो गया है, हम अपने गांव मुखवा से ये भयावह मंजर देख रहे हैं. हमने कभी ऐसा मंजर नहीं देखा.

‘पूरा गांव तबाह हो गया’

वहीं, दूसरे प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि धराली में कल रात से लगातार बारिश हो रही है, यहां खीरगंगा नदी में बादल फटने से भारी तबाही मची है.ये ऐसा मंजर था जिसने 2013 में आई केदारनाथ त्रासदी की याद दिला दी. प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि करीब 100 से ज्यादा लोग यहां दबे हुए हैं.उन्होंने बताया कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और सेना भी पहुंच गई है. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. खीरगंगा नदी में बादल फटने से पूरा गांव तबाह हो गया है.

अमित शाह ने फोन पर लिया हादसे का जायजा

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में बादल फटने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने फोन पर जानकारी ली है. इस दौरान उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों के बारे में अवगत कराया. उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है. वहीं, पीएम मोदी ने X पर पोस्ट कर कहा कि राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं. लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है.

धराली में सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

धराली गांव में आज दोपहर करीब 1:45 बजे बादल फटने की घटना हुई. ये स्थान हर्षिल में भारतीय सेना के कैंप से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर है.घटना की सूचना मिलते ही भारतीय सेना ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया. अब तक 15 से 20 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि घायलों को हर्षिल स्थित सेना के मेडिकल सेंटर में प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है.फिलहाल सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. हालांकि इलाके में भारी बारिश और खराब मौसम के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं.

गंगोत्री धाम का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा

बादल फटने की इस घटना के बाद गंगोत्री धाम का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट चुका है. धराली में जलस्तर बढ़ने से बाजार और घरों का काफी नुकसान पहुंचा है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएं लगातार हो रही हैं. इन हादसों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है और घरों को काफी नुकसान पहुंचा है.

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