मलबे में दबे मकान, धराशायी सड़कें और लापता लोगों की तलाश… उत्तरकाशी के धराली में चारों ओर तबाही के निशान, देखें Ground Report – Uttarkashi Dharali Village Cloud Burst Glacier Collapse Devastation Uttrakhand New Updates Ground Report ntc

ByCrank10

August 6, 2025


उत्तराखंड के उत्तरकाशी में मंगलवार को भारी बारिश के बाद बादल फटने से भयानक तबाही मची. इस तबाही में धराली गांव तहस-नहस हो गया. पूरा गांव मलबे की चपेट में आया. पानी के सैलाब के बीच लोगों की चीख-पुकार ने दिल झकझोर दिया. इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की खबर है जबकि पचास से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. इस बीच सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

इस तबाही की चपेट में एक आर्मी कैंप भी आया है. यहां पर आर्मी मेस और कैफे हैं. कई जवानों के हादसे लापता होने की आशंका है. हर्षिल में सेना की 14 राजपूताना राइफल्स की यूनिट तैनात है. हर्षिल में नदी के किनारे बना हैलीपैड भी बह गया है. भारी बारिश की वजह से हेलीकॉप्टर से राहत और बचाव का काम नहीं हो पा रहा है.

धराली आपदा को लेकर क्या है अपडेट?

NDRF की चार टीमें मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू में जुटी हैं. इसके अलावा आईटीबीपी की तीन टीमों को भी राहत कार्यों में लगाया गया है. राज्य और केंद्र सरकारेंस्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी से दूर रहने की अपील कर रही हैं. राज्य सरकार लगातार हालत पर नजर बनाए हुए हैं.

लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर गिरे हैं. इससे आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. BRO युद्धस्तर पर नेशनल हाईवे को खोलने में जुटा है. हादसे में आर्मी कैंप भी चपेट में आया है. कई जवानों के लापता होने की खबर है. भारी बारिश की वजह से हेलीकॉप्टर से राहत और बचाव का काम नहीं हो पा रहा है.

धराली के खीर गंगा में आई बाढ़ से हर्षिल हेलीपैड के क्षेत्र में जलभराव हो गया है. उत्तरकाशी के निचले हिस्सों में बाढ़ का खतरा बन सकता है. तबाही के डर से अब कई लोग इलाका छोड़कर जा रहे हैं.

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फिलहाल मौसम खराब है लेकिन मौस ठीक होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाई जाएगी. उत्तराखंड के कई जिलों में आज स्कूल कॉलेज बंद हैं. बादल फटने के बाद लगातार मलबा पहाड़ों से नीचे आ रहा है. लोग इसका लगातार नए-नए वीडियो बना रहे हैं.

ग्राउंड जीरो पर आज तक की टीम

ऐसे में धराली गांव से लगभग 35 किलोमीटर दूर भटवारी इलाके में ग्राउंड जीरो पर मौजूदा आज तक के संवाददाता ने मौजूदा स्थिति से रूबरू कराया. इस आपदा के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती मौसम है. मौसम बेहद खराब है. बारिश हो रही है. कई इलाकों में भारी बारिश का भी अलर्ट है. लेकिन धराली गांव तक पहुंचने के रास्ते में इतने लैंडस्लाइड हैं कि एनडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमों को आगे बढ़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

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उत्तरकाशी को गंगोत्री-हर्षिल से जोड़ने वाली 150 मीटर के स्ट्रैच में बनी सड़क पूरी तरह से धराशायी हो गई है. इस वजह से एनडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमों को आगे बढ़ने में दिक्कत हो रही है. इससे आगे भी ऐसा ही मंजर है, जगह-जगह सड़कें तहस-नहस हो गई है. सड़कों पर बनी दरारें बढ़ रही हैं. ऐसे में बचावकर्मी पहाड़ों के रास्ते जरूरत का सामान लेकर मौके पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. रेस्क्यू टीम के लिए बुलाई गई अतिरिक्त टीमें सबसे पहले पहाड़ों को काटकर रास्ता तैयार करेंगी. लेकिन बारिश सबसे बड़ी बाधा है. खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर भी लैंड नहीं कर सके. लेकिन उन्हें स्टैंडबाय पर रखा गया है. भागीरथी नदी का प्रवाह तेज है, जिसे देखते हुए आगे के तमाम गांवों को खाली करा लिया गया है.

बचावकर्मियों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत है अभी मौके पर पहुंचना है. क्योंकि अभी मौके पर मशीनरी नहीं है, किसी तरह का डिटेक्शन सिस्टम नहीं है. ऐसे में मलबे में दबे लोगों को डिटेक्ट करना मुश्किल है.

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