बिहार का सबसे लेटेस्ट गठबंधन बागियों का मेला, तेज प्रताप के साथ आईं 5 पार्टियां कौन चलाता है? – Bihar election tej pratap yadav alliance political challenge tejashwi yadav ntcpkb


परिवार और पार्टी से बाहर हो चुके पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव अब पूरी तरह से आर-पार के मूड में आ गए हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तेज प्रताप ने अपना एक नया सियासी मंच बनाया है. तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले महागठबंधन और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए से दो-दो हाथ करने के लिए तेज प्रताप ने पांच क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन किया है, लेकिन सवाल यही है कि क्या छोटे दलों के साथ मिलकर बड़ा धमाल कर पाएंगे?

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने पटना के फाइव स्टार होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अपने गठबंधन का ऐलान किया. तेज प्रताप के गठबंधन में विकास वंचित इंसान पार्टी (वीवीआईपी), भोजपुरिया जन मोर्चा (बीजेएम), प्रगतिशील जनता पार्टी (पीजेपी), वाजिब अधिकार पार्टी और संयुक्त किसान विकास पार्टी शामिल हैं.

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मई में अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को अनुष्का यादव के साथ फोटो वायरल होने के बाद परिवार और पार्टी से बाहर कर दिया था. वहीं, मुकेश सहनी के राइट हैंड माने जाने वाले प्रदीप निषाद ने विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) से बगावत कर अपनी विकास वंचित इंसान पार्टी बनाई. इस तरह से अब दोनों बागी नेता, तेज प्रताप और प्रदीप निषाद, ने आपस में हाथ मिलाकर बिहार चुनाव में ताल ठोक दी है.

तेज प्रताप यादव ने किया पांच दलों से गठबंधन का ऐलान
आरजेडी से निष्कासित होने के बाद भले ही तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी न बनाई हो, लेकिन नया गठबंधन जरूर बना लिया है. उन्होंने जिन पांच दलों के साथ हाथ मिलाया है, इस दौरान गठबंधन में शामिल पांचों दलों के अध्यक्ष और महासचिव उपस्थित थे. तेज प्रताप ने कहा कि इस मोर्चे का उद्देश्य बिहार में ‘सामाजिक न्याय, सामाजिक अधिकार और व्यापक बदलाव’ लाना है. अगर जनता हमें चुनती है, तो हम बिहार के संपूर्ण विकास के लिए काम करने का वादा करते हैं. साथ ही कहा कि हमारा गठबंधन पूरी तरह से राम मनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर और जयप्रकाश नारायण के आदर्शों पर चलेगा.

तेज प्रताप ने आरजेडी और कांग्रेस को अपने गठबंधन में आने का खुला ऑफर दिया. उन्होंने कहा कि अगर वे चाहें तो हमारे साथ आ सकते हैं. सभी का एक साथ आना एक सकारात्मक कदम होगा. हालांकि, उन्होंने बीजेपी और जेडीयू के साथ गठबंधन करने की किसी भी संभावना से इनकार किया. तेज प्रताप ने कहा कि बीजेपी और जेडीयू के साथ मेरे वैचारिक मतभेद हैं और मैं अपने सिद्धांतों से विचलित नहीं हो सकता. तेज प्रताप ने महुआ सीट से अपने गठबंधन के तले चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया.

टीम तेज प्रताप के साथ आईं पांच पार्टियां कौन चलाता है?
तेज प्रताप यादव के साथ हाथ मिलाने वाली पाँच क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियां हैं, वीवीआईपी, भोजपुरिया जनमोर्चा, प्रगतिशील जनता पार्टी, वाजिब अधिकार पार्टी और संयुक्त किसान विकास पार्टी. बिहार विधानसभा चुनाव के लिए ‘टीम तेज प्रताप’ नाम से एक नया राजनीतिक मंच तैयार किया गया है. उन्होंने अपने समर्थन में पांच क्षेत्रीय दलों का गठबंधन बनाया है, जो बिहार चुनाव में पूरे दमखम के साथ लड़ेगा.

‘टीम तेज प्रताप’ का हिस्सा बनने वाली सबसे अहम पार्टी वीवीआईपी है, जिसकी कमान प्रदीप निषाद के हाथ में है. प्रदीप निषाद हेलिकॉप्टर बाबा के नाम से चर्चित हैं. मल्लाह समाज से आने वाले प्रदीप निषाद उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के रहने वाले हैं और कभी मुकेश सहनी के बेहद करीबी रहे हैं. 2017 से 2021 तक वीआईपी में रहे और यूपी में पार्टी की कमान संभाल रहे थे, लेकिन हाल ही में उन्होंने मुकेश सहनी से बगावत करके अपनी पार्टी बना ली और अब तेज प्रताप के साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

बिहार में बने नए गठबंधन में भोजपुरिया जन मोर्चा शामिल है, जिसके अध्यक्ष भरत सिंह हैं। भोजपुर राज्य बनाने के तौर पर शुरू हुआ यह संगठन 2023 में सियासी दल के रूप में बदल गया. अब तेज प्रताप यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का प्लान बनाया है. ऐसे ही प्रगतिशील जनता पार्टी की कमान मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव के हाथ में है, जो पेशे से वकील हैं और छपरा जिले से आते हैं.

वहीं, वाजिब अधिकार पार्टी की बागडोर विद्यानंद राम के पास है, जिन्होंने नीतीश कुमार का साथ छोड़कर अपनी पार्टी बनाई है. इसी तरह, संयुक्त किसान विकास पार्टी है, जो किसानों के मुद्दे पर बनी थी और अब सियासी दल में बदल गई है. वहीं, तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी नहीं बनाई है, बल्कि इस मोर्चे के तहत चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

क्या छोटे दलों के दम पर तेज प्रताप कर पाएंगे बड़ा कमाल?
तेज प्रताप यादव ने महुआ सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि महुआ क्षेत्र से पूर्व विधायक होने के नाते, वह फिर से किस्मत आजमाएंगे. आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में महुआ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि मैंने महुआ सीट से अपनी तैयारी शुरू कर दी है, जहां पर विकास के कई काम किए हैं. महुआ से मौजूदा आरजेडी विधायक मुकेश रौशन का जिक्र करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि मैंने राजनीतिक मजबूरी के चलते महुआ सीट मुकेश को सौंप दी थी, लेकिन अब वह फिर से चुनाव लड़ेंगे.

विधायक तेज प्रताप गठबंधन करके महुआ सीट पर अपनी जीत का परचम फहराना चाहते हैं, जिसके चलते ही वह कह रहे हैं कि अपनी नई पार्टी बनाने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने प्रदीप निषाद की पार्टी को असली पार्टी बताया और मुकेश सहनी को नकली. इस तरह से तेज प्रताप छोटे दलों के साथ मिलकर बड़ा सियासी धमाल करना चाहते हैं, लेकिन जिन दलों से उन्होंने हाथ मिलाया है, उनका सियासी आधार बहुत ही सीमित है. इससे पहले कोई करिश्मा नहीं दिखा सके हैं.

एनडीए और महागठबंधन के बीच सिमटती बिहार चुनाव की लड़ाई में तेज प्रताप यादव अपना अलग मोर्चा बनाकर किस्मत आजमाने का फैसला किया है. चुनावी वोटिंग पैटर्न को देखें तो मतदाता यह सरकार बनाने के लिए वोट करते नजर आते हैं या फिर सरकार को हटाने के लिए वोटिंग करते हैं. इस तरह दो ध्रुवीय चुनाव में तेज प्रताप के लिए सियासी जगह बनाना, आसान नहीं है. छोटे दलों को मिलाकर देखना है कि क्या धमाल करते हैं?

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