India US Tariff – ‘इंदिरा गांधी अमेरिका के खिलाफ खड़ी थीं…’, ट्रंप की टैरिफ के बाद पीएम मोदी पर बरसी कांग्रेस – Congress opposition slams PM modi after donald Trump tariff rahul gandhi tejashwi tharoor ntc

ByCrank10

August 6, 2025 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर 25 फीसदी एक्सट्रा टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. विपक्ष ने कहा है कि उन्हें इंदिरा गांधी को बदनाम करने के बजाय अमेरिकी धौंस के सामने खड़े होने के उनके (इंदिरा) तरीके से सीख लेनी चाहिए.

कांग्रेस के सीनियर लीडर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “भारत ने 1970 के दशक में, खासकर इंदिरा गांधी के दौर में, अमेरिका की धौंस का डटकर सामना किया था. उन्हें बदनाम करने, विकृत करने और अपमानित करने के बजाय, नरेंद्र मोदी को अपना अहंकार त्यागना चाहिए. अगर वास्तव में ऐसा मुमकिन हो और जिस तरह से उन्होंने (इंदिरा) अमेरिका का सामना किया, उससे प्रेरणा लेनी चाहिए. भारत की विदेश नीति और प्रशासन को व्यापक रूप से पुनर्निर्धारित करने की आवश्यकता है.”

ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क (अब कुल 50 फीसदी) लगाने के ऐलान के बाद, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम मोदी को याद दिलाया कि कैसे इंदिरा गांधी ने 1971 में पाकिस्तान के साथ जंग से पहले तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की आंखों में आंखें डालकर सामना किया था. उन्होंने इसे ट्रंप के साथ “नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत और सुर्खियां बटोरने वाली गले लगाने की शैली की घोर विफलता” बताया.

जयराम रमेश ने आगे कहा, “खुद को मोदी का दोस्त बताने वाले ट्रंप ने भारत पर कठोर और अन्यायपूर्ण प्रहार किया है. उनके टैरिफ और जुर्माने वाले कदम अस्वीकार्य हैं, लेकिन फैक्ट यह है कि वे नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत और सुर्खियां बटोरने वाली गले लगाने की शैली की घोर विफलता को भी दर्शाते हैं.”

राहुल गांधी का मोदी पर तंज…

दूसरी तरफ, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से गुजारिश की है कि वे अपनी कमज़ोरी को भारतीय लोगों के हितों पर हावी न होने दें और ट्रंप की धौंस का सामना करें. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा, “50 फीसदी टैरिफ़ इकोनॉमिक ब्लैकमेल है. भारत को एक अनुचित व्यापार समझौते के लिए धमकाने की कोशिश है. प्रधानमंत्री मोदी को अपनी कमज़ोरी को भारतीय नागरिकों के हितों पर हावी न होने देना चाहिए.”

‘भारत की बजाय पाकिस्तान और बांग्लादेश…’

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ाकर 50 फीसदी करने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ज़्यादातर भारतीय सामान अब ‘अमेरिका में बहुत से लोगों की पहुंच से बाहर” हो जाएंगे.

थरूर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मुझे नहीं लगता कि यह हमारे लिए कोई ख़ास अच्छी खबर है, और इससे हमारा कुल टैरिफ 50 फीसदी हो जाएगा. इससे अमेरिका में बहुत से लोगों के लिए हमारे सामान पहुंच से बाहर हो जाएंगे.”

थरूर ने आगे इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिका में उपभोक्ता बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों की ओर रुख़ करेंगे, जहां टैरिफ भारत की तुलना में अपेक्षाकृत कम हैं.

‘युद्धविराम के बदले व्यापार…’

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा, “अमेरिका द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाना एक तरह की व्यापारिक धौंस है. यह शक्तिशाली संप्रभु देशों के व्यापार को हथियार बनाना है. यह निराशाजनक है कि प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसका कड़ा विरोध नहीं किया है.”

उन्होंने आगे कहा, “ट्रंप के ‘युद्धविराम के बदले व्यापार’ के दावों पर भारत की चुप्पी एक भूल थी. अब वक्त आ गया है कि हम अपनी ट्रेड पॉलिसी की संप्रभुता पर ज़ोर दें और आर्थिक दबाव के ख़िलाफ़ डटकर खड़े हों. भारत दबाव में अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं को नहीं बदल सकता.”

भारत ने अमेरिका को दिया कड़ा जवाब…

रूसी तेल ख़रीदने की वजह से अमेरिका में भारतीय आयात पर डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ़ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भारत ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है. भारत की तरफ से इसे ‘अनुचित’ करार दिया है. भारत ने कहा कि हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे.

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल ख़रीदने पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी व्यापार टैरिफ़ लगाने का ऐलान किया, जिससे कुल टैरिफ़ 50 प्रतिशत हो गया. ट्रंप द्वारा अप्रूव किए गए एक आदेश के मुताबिक, ये अतिरिक्त टैरिफ़ आज से 21 दिन बाद, 27 अगस्त से लागू होंगे.

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