‘महावतार नरसिम्हा’ ने ‘स्पाइडर मैन’ को पछाड़ा, 100 Cr. कमाने वाली भारत की पहली एनिमेटेड फिल्म – Mahavatar Narsimha first indian animated film crossed 100 crore mark left spider man behind tmova


अश्विन कुमार के डायरेक्शन में बनी ‘महावतार नरसिम्हा’ एनिमेटेड मूवी का बॉक्स ऑफिस पर खूब बोलबाला है. इस पौराणिक ड्रामा फिल्म की रफ्तार कम होती नहीं दिख रही है. फिल्म लोगों को इतनी पसंद आ रही है कि इसके कलेक्शन ने भारत की सभी एनिमेटेड फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है.

‘महावतार नरसिम्हा’ फिल्म 25 जुलाई 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और अब तक दर्शकों के बीच पॉपुलर है. फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है. मंगलवार तक के इसके कलेक्शन को देखें तो ये फिल्म 100 करोड़ रुपये कमाने वाली पहली भारतीय एनिमेटेड फिल्म बन गई है.

ये फिल्म ‘सैयारा’, ‘सन ऑफ सरदार 2’, ‘धड़क 2’ और ‘द फैंटास्टिक फोर: फर्स्ट स्टेप्स’ जैसी कई फिल्मों के साथ टक्कर में है, फिर भी इस एनिमेटेड फिल्म ने वीकडे पर भी जबरदस्त बढ़त देखी है.

100 करोड़ पार हुआ कलेक्शन?

सैकनिल्क के मुताबिक, मंगलवार को सभी भाषाओं में इस फिल्म ने 7.75 करोड़ की कमाई की, जिसमें टिकट की कम हुई कीमत ने भी मदद की. 12 दिनों में फिल्म की कुल कमाई 106.05 करोड़ रुपये हो गई है. पहले हफ्ते में फिल्म ने 44.75 करोड़ रुपये कमाए थे, लेकिन दूसरे हफ्ते में दर्शकों के अच्छे रिव्यू और सोशल मीडिया की वजह से फिल्म की कमाई काफी बढ़ गई. फिल्म को वर्ड ऑफ माउथ का खूब फायदा मिला है.

स्पाइडर मैन को छोड़ा पीछे?

होम्बले फिल्म्स और क्लीम प्रोडक्शन्स की बनाई हुई इस फिल्म ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार किया है. ‘महावतार नरसिम्हा’ ने स्पाइडर-मैन, द इनक्रेडिबल्स और कुंग फू पांडा जैसी विदेशी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है और भारत की सबसे ज्यादा कमाई वाली एनिमेटेड फिल्म बन गई है. स्पाइडर मैन की एनिमेटेड फिल्म ने भारत में 43.99 करोड़ का बिजनेस किया था. वहीं कुंग फू पांडा के सभी पार्ट्स को देखें तो उसका बिजनेस भी 30 से 32 करोड़ के बीच का रहा.

भगवान विष्णु के दस अवतारों पर बनी, फ्रेंचायजी की और किश्तें आना बाकी?

मालूम हो कि ‘महावतार नरसिम्हा’, भगवान विष्णु के दस अवतारों पर आधारित एक एनिमेटेड फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म है. आने वाले दस सालों में इसी सीरीज की और भी फिल्में आएंगी, जैसे: महावतार परशुराम (2027), महावतार रघुनंदन (2029), महावतार द्वारकाधीश (2031), महावतार गोपालानंद (2033), और दो भागों में महावतार कल्कि (2035 और 2037). अश्विन कुमार के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को जयपूर्णा दास और रुद्र प्रताप घोष ने लिखा है. ये फिल्म पांच भारतीय भाषाओं में तैयार की गई है. इसे शिल्पा धवन, कुषल देसाई और चैतन्य देसाई ने प्रोड्यूस किया है.

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