इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत-अमेरिका के बीच जारी 50 प्रतिशत टैरिफ विवाद पर प्रतिक्रिया दी है. नेतन्याहू ने कहा है कि दोनों देशों को आपसी सहमति से समाधान निकालना चाहिए, क्योंकि यह भारत, अमेरिका और इज़रायल, तीनों के हित में होगा.

भारतीय पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा, “भारत-अमेरिका संबंधों की नींव बहुत मजबूत है. दोनों देशों को साझा ज़मीन तलाशनी चाहिए. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इजरायल में भारतीय राजदूत जे.पी. सिंह से भी मुलाकात की. प्रधानमंत्री और राजदूत ने द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार, विशेष रूप से सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा की.

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इजरायल द्वारा भारत को आपूर्ति किए गए सैन्य उपकरणों ने अच्छा प्रदर्शन किया और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ रहा है.

मोदी-ट्रंप दोनों मेरे दोस्त हैं
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से निपटने को लेकर कोई सलाह देंगे, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “हां, लेकिन निजी तौर पर… मोदी और ट्रंप दोनों मेरे बेहतरीन दोस्त हैं.” उन्होंने कहा कि यह समाधान सिर्फ भारत और अमेरिका के लिए ही नहीं, बल्कि इजरायल के लिए भी अच्छा होगा, क्योंकि दोनों देश उसके अच्छे मित्र हैं.

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ऑपरेशन सिंदूर में कारगर साबित हुए इज़रायली हथियार
नेतन्याहू ने खुलासा किया कि भारत को ऑपरेशन सिंदूर से पहले जो सैन्य उपकरण इज़रायल ने मुहैया कराए थे, वे जंग के मैदान में खरे उतरे. नेतन्याहू ने कहा, “हम लैब में नहीं, युद्धभूमि में परीक्षण करते हैं. इज़रायल के हथियारों ने ऑपरेशन सिंदूर में बेहतर प्रदर्शन किया. भारत और इज़रायल के बीच रक्षा सहयोग अब मजबूत आधार पर खड़ा है.”

इजरायली प्रधानमंत्री ने आतंकवाद से निपटने में दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाओं पर भी जोर दिया. नेतन्याहू ने कहा कि भारत एक विशाल देश है और हर क्षेत्र में निगरानी संभव नहीं है.

उन्होंने कहा, “इजरायल, भारत को हवाई निगरानी प्रणालियों (air surveillance systems) में मदद कर सकता है. आतंकियों के हमला करने से पहले उन्हें रोकना जरूरी है. इसके लिए खुफिया के साथ-साथ तकनीकी और भौतिक शक्ति भी चाहिए.”

उन्होंने बताया कि डाटा विश्लेषण और सोशल नेटवर्क मॉनिटरिंग में इज़रायल और भारत के बीच सहयोग पहले से जारी है, और इसमें और विस्तार की संभावनाएं हैं.

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भारत दौरे की इच्छा और सीधी उड़ान की मांग
इज़रायली प्रधानमंत्री ने भारत आने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा, “मैं भारत को मिस करता हूं. मैं जल्द भारत आना चाहता हूं.” साथ ही उन्होंने कहा कि बेंगलुरु और तेल अवीव के बीच सीधी उड़ान की जरूरत है.

उन्होंने कहा, “अगर बेंगलुरु से तेल अवीव की सीधी फ्लाइट शुरू हो, तो यह सैन फ्रांसिस्को जाने से भी कम समय में पूरी हो सकती है.”

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