ड्रोन ऑपरेटर कैरियर: ड्रोन का इस्तेमाल सुरक्षा, सर्वे, खेती और शादी की शूटिंग तक में बढ़ गया है. इसके चलते ड्रोन ऑपरेटर (ड्रोन ऑपरेटर) की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों ही अच्छे वेतन पर नौकरी दे रहे हैं. सही ट्रेनिंग और लाइसेंस लेकर कोई भी ड्रोन ऑपरेटर के रूप में करियर बना सकता है.

Drone Operator बनने के लिए चाहिए अनुमति

ड्रोन टेक्नोलॉजी आज के दौर की एक उपयोगी और उभरती तकनीक है. हालांकि, ड्रोन को इस्तेमाल करने के लिए सरकार ने कई नियम भी बनाए हैं. भारत में ड्रोन ऑपरेट करने के लिए आपको DGCA (Directorate General of Civil Aviation) यानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से इजाजत लेनी होगी. यह अनुमति Digital Sky Platform के जरिए ली जाती है, जहां ड्रोन रजिस्ट्रेशन, पायलट ट्रेनिंग और उड़ान की अनुमति (Flight Permission) दी जाती है.

बेसिक ड्रोन पायलट कोर्स

बेसिक ड्रोन पायलट कोर्स ड्रोन टेक्नोलॉजी का सबसे शुरुआती स्तर है. इसमें ड्रोन के संचालन, सुरक्षा और हवाई नियमों की जानकारी दी जाती है. ड्रोन पायलट बनने के लिए भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से लाइसेंस लेना जरूरी होता है.

एडवांस्ड ड्रोन पायलट कोर्स

ड्रोन पायलट की मांग लगातार तेजी से बढ़ रही है. एडवांस्ड ड्रोन पायलट कोर्स ड्रोन का दूसरा चरण होता है. यह कोर्स ड्रोन पायलटिंग में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए किया जाता है.

स्पेशलाइज्ड ड्रोन एप्लीकेशन कोर्स

ड्रोन के कंट्रोलिंग और उसमें एडवांस फीचर जोड़ने के लिए स्पेशलाइज्ड ड्रोन एप्लीकेशन कोर्स कराया जाता है. यह कोर्स ड्रोन पायलटिंग से लेकर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तक से जुड़ा होता है.

सरकारी ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर

उत्तर प्रदेश में एक सरकारी ड्रोन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट है, जहां बेहद कम फीस में ड्रोन की ट्रेनिंग दी जाती है. यूपी में सरकारी एविएशन एकेडमी का नाम इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड्डयन अकादमी है, जो उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में स्थित है.

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