बिहार समाचार: बिहार में ट्रांसजेंडर समुदाय के सामाजिक सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए एक नई शुरुआत हो गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने “बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड” का गठन किया है, जो न केवल उनके अधिकारों की रक्षा करेगा बल्कि उन्हें शिक्षा, प्रशिक्षण और सम्मानजनक रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगा.
28 सदस्यीय समिति, अध्यक्ष हैं मदन साहनी
समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी को इस 28 सदस्यीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है. इसमें सात सदस्य सीधे ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े हैं, ताकि उनकी आवाज़ सीधे नीति-निर्माण तक पहुंच सके. समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी के अनुसार, इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल प्रदान करना है.
किन्नर बोर्ड में गैर सरकारी सदस्य के रूप में पटना के राजन सिंह, अनुप्रिया सिंह, गया के शांति नायक उर्फ सुरेश हिजड़ा, सोनपुर के संतोष कुमार, दरभंगा की अद्विका चौधरी, बेगूसराय के साजन कुमार एवं बबली किन्नर की बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया गया है.
सरकारी सदस्य के रूप में बिहार राज्य महिला आयोग अथवा उनके द्वारा मनोनीत सदस्य, वित्त, गृह, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, नगर विकास, योजना एवं विकास, विधि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, शिक्षा, श्रम संसाधन, राजस्व एवं भूमि सुधार, सूचना एवं जनसंपर्क, पंचायतीराज, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभागों के प्रधान सचिव अथवा सचिव एवं महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक को शामिल किया गया है.
रोजगार और प्रशिक्षण पर फोकस
सरकार चाहती है कि ट्रांसजेंडर समुदाय न केवल आत्मनिर्भर बने बल्कि नियमित और सम्मानजनक रोजगार भी हासिल करे. इसके लिए बोर्ड शैक्षिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी.
बेहतर सामाजिक-आर्थिक स्थिति का लक्ष्य
बंदना प्रेयषी ने कहा, “सरकार चाहती है कि ट्रांसजेंडर समुदाय देश के अन्य नागरिकों की तरह ही समान अधिकार और सम्मान के साथ जीवन जी सके.” इसके तहत उन्हें सुरक्षित माहौल और अवसरों की बराबरी दी जाएगी.


