खबरें: लखनऊ के हजरतगंज इलाके में चार स्कूली किशोर लाल-नीली बत्ती लगी एक SUV में घूमते देखे गए. ये नाबालिग छात्र जिस गाड़ी में घूम रहे थे, उसके फ्रंट मिरर पर ‘डीसीपी एलओ’ लिखा हुआ था, यूपी पुलिस में ऐसा कोई पद मौजूद ही नहीं है. यह फर्जी पदनाम और बिना अनुमति लगी लाल-नीली बत्ती संदेह की वजह बनी. इस मामले को लेकर गाड़ी मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सभी किशोर स्कूल यूनिफॉर्म में थे और चाय पीने के लिए एक दुकान पर रुके थे. कुछ देर बाद वे वहां से गाड़ी में बैठकर निकल गए. इसकी सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद वाहन के बारे में जांच शुरू हुई. रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच में पता चला कि यह SUV जानकीपुरम में रहने वाले रामजी शुक्ला के नाम पर रजिस्टर्ड है.

यह भी पढ़ें: Driving Dress Code: हाफ शर्ट या चप्पल पहन कर गाड़ी चलाने पर होता है चालान? जानिए क्या है ड्राइविंग का ‘ड्रेसकोड’

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग के वाहन चलाने के मामले में चालान काटा और वाहन मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया. इसी के साथ बिना अनुमति लाल-नीली बत्ती का उपयोग करने और गाड़ी पर फर्जी पदनाम लिखने को लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गंभीर अपराध है और इसके लिए मोटर व्हीकल एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है.

सूत्रों के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि गाड़ी मालिक का पुलिस विभाग से कोई संबंध नहीं है. ऐसे में यह सवाल खड़ा हो गया है कि गाड़ी पर ‘डीसीपी एलओ’ क्यों लिखा था और लाल-नीली बत्ती किसने और क्यों लगाई थी. फिलहाल, पुलिस इस बात की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *