धराली में ‘ऑपरेशन जिंदगी’… 8 जवानों समेत अब भी कई लापता, मुआवजे में ₹5000 के चेक मिलने पर भड़क उठे पीड़ित – Rescue Operation in Dharali many people including soldiers are still missing victims get angry after receiving a cheque of 5000 rupees as compensation ntc


उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली त्रासदी के बीच राहत वितरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. धराली और हर्षिल के ग्रामीणों ने आपदा पीड़ित परिवारों को दिए जा रहे 5000 रुपये के चेक लेने से इनकार कर दिया और धामी सरकार के खिलाफ विरोध जताया.

इस पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सफाई देते हुए कहा कि 5000 रुपये के चेक केवल फौरी राहत के तौर पर दिए जा रहे हैं. नुकसान का पूरा आकलन और विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा.

भारी बारिश से बाढ़ का खतरा

धराली और हर्षिल घाटी में आई भीषण तबाही के बीच राहत और बचाव का कार्य जारी है. इस बीच यहां पर लगातार बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है. गंगोत्री हाइवे पर मनेरी बांध का पानी भागीरथी में छोड़ा जा रहा है जिससे बांध पर कोई खतरा पैदा न हो.

700 से ज्यादा लोग बचाए गए

अब तक 700 से ज्यादा लोगों (स्थानीय और अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं) को बचाया गया है. सरकार का कहना है कि अभी 250 लोग (50 यात्री और 200 स्थानीय) बचाए जाने बाकी हैं. अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. (राज्य सरकार के अनुसार 3, जबकि सेना के अनुसार 2).

लापता लोगों के आंकड़ों में भी अंतर है. सेना का दावा है कि 100 लोग लापता हैं, जबकि राज्य सरकार 16 और जिला प्रशासन 50 लोगों के लापता होने की बात कह रहा है. इनमें 8 सेना के जवान भी शामिल हैं.

धराली में नेटवर्क कनेक्टिविटी बहाल

धराली में अब नेटवर्क कनेक्टिविटी और बिजली की सप्लाई बहाल हो गई है. जिलाधिकारी ने बताया कि राहत सामग्री प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा रही है. चिनूक हेलिकॉप्टर के जरिए जनरेटर और जरूरी उपकरण भी पहुंचा दिए गए हैं. जिन लोगों को लापता मानकर संख्या ज्यादा बताई जा रही थी, अब वह घटने लगी है क्योंकि नेटवर्क बहाल होने के बाद अधिकतर लापता माने गए लोगों से संपर्क हो गया है.

राहत कार्यों में जुटे चिनूक और चीता हेलिकॉप्टर

लिमचिगाड़ में बैली ब्रिज निर्माण का काम जवानों ने पूरी रात जारी रखा. राहत कार्य तेज करने के लिए एक चिनूक हेलिकॉप्टर जॉली ग्रांट से जेनरेटर सेट लेकर रवाना हुआ, जबकि दूसरा चिनूक धरासू से हर्षिल के लिए जनरेटर लेकर पहुंचा. इसके अलावा, रेस्क्यू अभियान को गति देने और जरूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट पहुंचाने के लिए तीन चीता हेलिकॉप्टर भी जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंच गए हैं.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *