पुतिन ट्रम्प वार्ता: अगले हफ्ते अलास्का में होने वाले अमेरिका और रूस के बीच शिखर सम्मेलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 15 अगस्त को यह बैठक प्रस्तावित है, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए लंबी अवधि का शांति समाधान खोजने की कोशिश होगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को भी इस बैठक में आमंत्रित करने पर विचार कर रहा है, लेकिन यह अभी पक्की नहीं हुई है. आइए, इस संभावित वार्ता से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर नजर डालते हैं:

1. ट्रंप-पुतिन बैठक: क्या युद्ध खत्म होगा?

यह बैठक रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चले आ रहे युद्ध में किसी प्रकार की बड़ी प्रगति ला पाएगी या नहीं, यह कहना फिलहाल मुश्किल है. ट्रंप के अप्रत्याशित रवैये और जेलेंस्की के कड़े रुख को देखते हुए किसी भी समझौते पर पहुंचना आसान नहीं होगा. ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि वे पुतिन से मिलेंगे, भले ही जेलेंस्की उनसे न मिलें, जिससे यूक्रेन के बाहर रखा जाने का डर है.

2. जेलेंस्की ने क्या कहा?

जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर बयान जारी करते हुए कहा कि यूक्रेन की संप्रभुता और उसके क्षेत्रीय अखंडता पर कोई भी समझौता अस्वीकार्य है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी शांति तभी स्थायी हो सकती है जब यूक्रेन की आवाज को बैठकों में शामिल किया जाए. उन्होंने कहा, “हम रूस को उनके किए गए अत्याचारों के लिए कोई इनाम नहीं देंगे और अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे.” जेलेंस्की ने यह भी चेतावनी दी कि यूक्रेन को बिना शामिल किए कोई भी समझौता ‘मृत निर्णय’ होगा जो शांति नहीं ला सकता.

3. ट्रंप की क्या योजना है?

ट्रंप ने कहा है कि वे पुतिन से इस युद्ध को खत्म करने के उपायों पर चर्चा करेंगे. रूस के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि अलास्का में होने वाली यह बैठक दो शक्तिशाली देशों के नेताओं के लिए महत्वपूर्ण होगी. लेकिन युद्ध को रोकने की कोई गारंटी नहीं है क्योंकि दोनों पक्ष अभी भी शांति की शर्तों पर काफी अलग हैं.

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4. क्या जेलेंस्की क्षेत्रीय समझौते को स्वीकार करेंगे?

ट्रंप ने कहा है कि इस बैठक में शायद कुछ क्षेत्रों के आदान-प्रदान की बात होगी, लेकिन विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी. विश्लेषकों का कहना है कि रूस कुछ क्षेत्र छोड़ने को तैयार हो सकता है, लेकिन यूक्रेन के कब्जे वाले चार क्षेत्रों पर अभी भी विवाद जारी है.

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Putin Trump Talks in Hindi: कड़े प्रतिबंध और दबाव क्यों फेल हुए?

ट्रंप ने रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी, लेकिन इससे कोई असर नहीं हुआ. रूस ने युद्ध जारी रखा है और यूक्रेनी शहरों पर लगातार बमबारी जारी है. इस बीच, रूस और यूक्रेन की शांति के लिए शर्तें बहुत अलग हैं, इसलिए युद्ध खत्म करना अभी दूर की बात लगती है.

ट्रंप-पुतिन की यह वार्ता रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक अहम मौका हो सकती है, लेकिन जेलेंस्की की नाराजगी और दोनों पक्षों के बीच गहरे मतभेद इसे चुनौतीपूर्ण बनाते हैं. अभी यह तय करना मुश्किल है कि क्या इस बैठक से 1,259 दिन से जारी इस खतरनाक युद्ध का अंत होगा या नहीं.



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