Pitru Paksha 2025: गया जी पितृपक्ष मेले की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस बार तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. मेले के जल स्रोतों और नहरों में तैरते कचरे को इकट्ठा करने के लिए ट्रैश बोट की व्यवस्था की गई है. यह आधुनिक मशीन प्लास्टिक, बोतलें, धार्मिक कचरा, कपड़े, धातु की वस्तुएं और पूजा के अपशिष्ट को इकट्ठा कर सफाई में मदद करेगी.

नगर आयुक्त कुमार अनुराग ने बताया कि मंदिर प्रांगण और देवघाट क्षेत्र में सफाई के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं. मेले के दौरान अतिरिक्त 1000 सफाईकर्मी तीनों पालियों में काम करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो.

शौचालयों और प्याऊ की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान

मेला क्षेत्र में स्थित सभी शौचालयों की बेहतर रंगाई और रखरखाव किया जा रहा है, जिससे वे आकर्षक और स्वच्छ दिखें. घाटों पर स्थित प्याऊ की टंकी की भी सफाई हो रही है, साथ ही रंग-रोगन का काम जारी है. देवघाट और श्मशानघाट में सफाई के बाद कचरे के समुचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. मंदिर परिसर से निकाले गए कचरे को मुख्य मार्गों पर संग्रहीत कर कवरिंग की जाएगी, जिससे बदबू और गंदगी से बचा जा सके.

नए आकर्षण के रूप में बनेगा विष्णुपद सेल्फी प्वाइंट

इस बार विष्णुपद के आकार का एक खूबसूरत सेल्फी प्वाइंट भी मेले में जोड़ा जाएगा, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा. नगर आयुक्त ने यह भी बताया कि सड़क और नाले की मरम्मत का काम डीएम के निर्देशानुसार प्रगति पर है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी.

सफाई व्यवस्था में कड़ाई, जागरूकता और दंडित कार्रवाई

सफाई बनाए रखने के लिए पहले लोगों को जागरूक किया जाएगा. इसके बाद भी अगर कोई गंदगी करता पाया गया तो उसे आर्थिक जुर्माना भरना होगा. पिछले साल के मुकाबले इस बार मेले में फाइन और पेनल्टी टीमों की संख्या बढ़ाई गई है, साथ ही ड्रोन के जरिए सतत निगरानी भी रखी जाएगी. मेला क्षेत्र में माइकिंग के माध्यम से सफाई और स्वच्छता का संदेश भी दिया जाएगा.

बिहार के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में खुलेगी अब डिजिटल लाइब्रेरी, बच्चों को मिलेगी हाई-टेक पढ़ाई की सुविधा

पिंक टॉयलेट और नए शौचालय की भी सुविधा

विष्णुपद मंदिर के पार्किंग क्षेत्र में एक पिंक टॉयलेट बनाया जा रहा है, जो महिलाओं के लिए विशेष सुविधा प्रदान करेगा. इसके अलावा मेला शुरू होने से पहले सीतापथ और विष्णुपथ मार्गों पर दो नए शौचालयों का निर्माण भी पूरा किया जाएगा, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सफाई की बेहतर सुविधा मिलेगी.

यह भी पढ़ें: बिहार में जमीन विवाद खत्म करने की बड़ी पहल, अब हर सप्ताह में इस दिन अंचल कार्यालय में होगी सुनवाई



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *