उत्तराखंड के उत्तराकाशी जिले के धराली में आई विनाशकारी आपदा पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर सुस्ती और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि लापता लोगों की सूची जारी करने में सरकार टालमटोल कर रही है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में दवा, भोजन और पानी की कमी है.

माहरा ने आरोप लगाया कि सालों से लंबित दो बेली ब्रिज का निर्माण न होने से हालात बिगड़े. उन्होंने सेना की सराहना करते हुए कहा कि जवानों ने अपने साथियों को खोने के बावजूद समय पर रेस्क्यू कर बड़ी तबाही टाल दी. माहरा ने दावा किया कि बड़ी संख्या में मजदूर लापता हैं और कोई आधिकारिक डाटा नहीं है. उन्होंने सरकार से लापता लोगों की सूची व प्रभावितों के फोन डिएक्टिवेशन का आंकड़ा तत्काल जारी करने की मांग की.

करण माहरा ने बताया कि आपदा के बाद भटवाड़ी से आगे मार्ग बंद होने के बावजूद उन्होंने पैदल रास्तों से होते हुए धराली पहुंचने का निर्णय लिया. प्रशासन ने उन्हें गंगनानी से आगे जाने की अनुमति नहीं दी, लेकिन वह 50 किलोमीटर पैदल चलकर लिमछीगाड़ पुल पार करते हुए गांव पहुंचे. रास्ते में उन्होंने 40-50 लोगों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की, जहां एसडीआरएफ ने रस्सी के जरिए सभी को सुरक्षित पार कराया.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा पर आपदा के समय राजनीति करने का आरोप लगाया. भट्ट ने कहा कि माहरा झूठे बयान देकर भ्रम फैला रहे हैं. उन्होंने पहले कहा कि उन्हें प्रशासन ने रोका, लेकिन अगर ऐसा था तो वे घटनास्थल तक कैसे पहुंच गए? अब वे यह आरोप लगा रहे हैं कि राहत कार्य देर से शुरू हुए. भट्ट ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियां बेहद कठिन थीं और वहां तक पहुंचना आसान नहीं था. कांग्रेस अध्यक्ष खुद जानते हैं कि वे किस हालात में वहां पहुंचे, इसलिए बेवजह बयानबाजी करने के बजाय उन्हें सहयोग करना चाहिए.

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