Cong Vs Bjp: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कई तरह के आरोप लगाये थे. उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर कई तरह के दावे भी किये थे. उन दावे को लेकर सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी सांसदों की ओर से संसद से लेकर चुनाव आयोग तक पैदल मार्च निकालने की योजना थी, लेकिन दिल्ली पुलिस से इजाजत न लेने के कारण विपक्षी दलों को संसद के आसपास मार्च निकालने से रोक दिया गया.

संसद भवन से जैसे ही विपक्षी सांसदों ने मार्च निकालने की कोशिश की, उसे पुलिस द्वारा सड़क परिवहन मंत्रालय के निकट रोक दिया गया. इस पर विपक्षी दलों के सांसदों ने सरकार के इशारे पर पुलिस कार्रवाई की बात कहते हुए सरकार पर विपक्ष के मार्च को कुचलने का आरोप लगाया.

बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश

इस प्रदर्शन के दौरान काफी बवाल भी देखने को मिला. कुछ नेता जहां बैरिकेडिंग तोड़ते देखे गए, वहीं कुछ नेता  बैरिकेडिंग  को छलांग लगा दूसरी तरह कूदते रहें. लेकिन दिल्ली पुलिस संसद भवन के आसपास धारा 144  लागू होने के कारण विपक्षी नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया और गिरफ्तार कर संसद भवन थाने ले आयी. यह सब घंटों तक सड़क पर चलता रहा. चुनाव आयोग से मिलने का समय दिन में 12 बजे निर्धारित था वह भी खत्म हो गया.

इससे पहले चुनाव आयोग ने कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश को पत्र लिखकर कहा था कि अगर विपक्षी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल इस मामले पर मुलाकात करना चाहता है तो 30 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को मंजूरी दी जा सकती है. लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से आयोग की मांग को अस्वीकार करते हुए प्रदर्शन मार्च करने पर हामी भरी गयी.

बुधवार को संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों की ओर से राज्यसभा और लोकसभा में भी जबरदस्त हंगामा किया गया. हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कुछ देर चली और फिर इसे स्थगित कर दिया गया.

चुनाव को लेकर झूठ फैलाने की कोशिश कर रही है कांग्रेस


विपक्षी दलों के सदन में हंगामे और प्रदर्शन मार्च पर कटाक्ष करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस चुनावी हार की हताशा में संविधान के खिलाफ काम कर रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से संविधान के खिलाफ काम कर रहे हैं और अब विपक्ष ऐसे संविधान विरोधी नेता के साथ खड़ा है.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश में मतदाता सूची को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम पहली बार नहीं हो रहा है. समय-समय पर आयोग इस प्रक्रिया को शुरू करता है और यह एक नियमित प्रक्रिया है. चुनाव दर चुनाव हार के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कोशिश देश की चुनावी प्रक्रिया को बदनाम करने की है.

गलत आंकड़े किये जा रहे हैं पेश

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, हार मिलने के बाद वे हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम पर सवाल उठा रहे हैं और इसके लिए गलत आंकड़ों को पेश करने का काम कर रहे हैं. कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से पहले ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया जाता है और जब यह प्रयास विफल हो जाता है तो अब मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया जा रहा है. कांग्रेस और विपक्ष जब चुनाव में जीत हासिल करते हैं तो चुनाव आयोग सही होता है, लेकिन चुनाव हारते ही चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध हो जाती है.

वोट चोरी के राहुल गांधी के आरोप की सच्चाई सामने आ चुकी है. लेकिन विपक्ष की मंशा बार-बार झूठ बोलकर चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में संदेह पैदा करना है. राहुल गांधी को कोशिश देश में अराजकता पैदा करने की है.



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