Patna News:रोजगार मेलों में मिली नौकरी अब रहेगी ‘रेडार’ पर, बन रहा है बड़ा डेटा बैंक


पटना न्यूज:श्रम संसाधन विभाग बिहार में रोजगार मेलों और जॉब फेयर से नौकरी पाने वालों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करने जा रहा है. इस डेटाबेस की नियमित समीक्षा होगी, ताकि यह पता चल सके कि नौकरी पाने वाले लोग कितने समय तक काम कर रहे हैं, किस वजह से नौकरी छोड़ रहे हैं या कहीं कंपनियां वादे तोड़कर वेतन और काम की शर्तें बदल तो नहीं रही हैं.

हाल के महीनों में मिली शिकायतों—जैसे वेतन में कटौती और कार्य-शर्तों में बदलाव—के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है.

रोजगार पाने वालों को अफसर रैंडम करेंगे फोन

अब विभाग इन लोगों से फोन कर पूछेंगे कि उन्हें कब रोजगार मिला. रोजगार मिला तो वह अभी नौकरी में है या नहीं अगर नौकरी में नहीं है तो उन्हें कितने दिनों के बाद कंपनी ने बाहर किया. अगर जो कोई नौकरी में होगा तो उनसे पूछा जायेगा कि नियोजन के एवं में कंपनी ने उनसे आर्थिक शोषण तो नहीं किया है.

कंपनी कोई अतिरिक्त राशि की मांग तो नहीं की गयी. साथ ही यह भी जाना जायेगा कि नियोजन के समय कंपनी ने जितनी राशि देने की बात कही थी, उतना वेतन मिल रहा है या नहीं.

1.28 लाख कंपनियों ने कराया है निबंधन

नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल पर अब तक एक लाख 28 हजार से अधिक कंपनियों ने निबंधन कराया है. जो बिहार के लोगों को अपने यहां रोजगार देगी. आंकड़ों के मुताबिक 2015-16 में मात्र दो कंपनियों मैं ही पंजीकरण कराया था.

2016-17 में 49 कंपनियां 2017-18 में 50 कंपनियां, 2018-19 में 98 कंपनियां, 2019-20 में 775 2020-21 में 757 कंपनियां, 2021- 22 में मात्र 614 कंपनियां, 2022-23 में 39 हजार 599 कंपनिया 2023-24 में 68 हजार 154 कंपनियां, 2024-25 में अप्रैल में 5405 मई में 6699 तो जून में 6190 नई कंपनियों ने निबंधन कराया है.

महाराष्ट्र के लिए सबसे अधिक कंपनियों ने निबंधन कराया

देशभर में अबतक 29 लाख 53 हजार 932 कंपनियों ने पंजीकरण कराया है. इसमें सबसे अधिक महाराष्ट्र के लिए पांच लाख 26 हजार 817 कंपनियों ने पंजीकरण कराया है, वहीं आंध प्रदेश के लिए 77 हजार 548, असम के लिए 67 हजार 713, छत्तीसगढ़ के लिए 53 हजार, दिल्ली के लिए 92 हजार 843 गुजरात के लिए एक लाख 72 हजार 49. हरियाणा के लिए 99 हजार 224, कर्नाटक के लिए एक लाख 58 हजार 728, मध्य प्रदेश के लिए एक लाख 52 हजार 849 कंपनियों ने पंजीकरण कराया है.

यह भी पढ़ें: sooryagadha vidhaanasabha: सूर्यगढ़ा,जहाँ शेरशाह की तलवार जीती और आज़ादी की आग भी भड़की



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *