वाराणसी के भेलूपुर क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर वायरल एक लिस्ट में बी 24/19 कश्मीरीगंज पते पर 50 से ज्यादा मतदाताओं के पिता का नाम रामकमल दास दर्ज है. कांग्रेस ने इस पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि एक ही पिता के इतने बेटे कैसे हो सकते हैं.
वायरल लिस्ट के मुताबिक, इनमें सबसे बड़ा बेटा 72 साल और सबसे छोटा 28 साल का है. कई के तो जन्म वर्ष भी समान हैं. कांग्रेस का दावा है कि यह फर्जीवाड़ा है और चुनाव आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए.
मतदाता सूची को लेकर खड़ा हुआ बड़ा विवाद
जांच के लिए जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि यह पता राम जानकी मठ मंदिर का है, जिसे आचार्य रामकमल दास ने स्थापित किया था. मंदिर के प्रबंधक रामभरत शास्त्री ने बताया कि आश्रम गुरु-शिष्य परंपरा पर चलता है और विरक्त जीवन अपनाने वाले शिष्य अपने गुरु का नाम पिता के स्थान पर दर्ज करवाते हैं. यह पूरी तरह से कानूनी है और 2016 में भारत सरकार ने इसकी अनुमति दी थी.
साधु-संतों ने कांग्रेस पर बदनाम करने का आरोप लगाया
अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सनातन परंपरा और हिंदू धर्माचार्यों को बदनाम करने की साजिश कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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वाराणसी मतदाता सूची
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