हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर स्थित नूंह जिले के गांव मुंडाका में सोमवार को गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया. दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव और कांच की बोतलें फेंकी गईं. इस दौरान एक मोटरसाइकिल और झुग्गी नुमा दुकान को आग के हवाले कर दिया गया. घटना में दोनों ओर के दर्जनों लोग घायल हुए.

सूचना मिलते ही फिरोजपुर झिरका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू करने का प्रयास किया. बढ़ते तनाव को देखते हुए आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल और डीएसपी रैंक के अधिकारी बुलाए गए. फिलहाल पूरे गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है.

गांव के सरपंच रामसिंह सैनी के मुताबिक, पास के गांव हाजीपुर निवासी इसरा का बेटा अपनी गाड़ी सड़क के बीच खड़ी किए हुए था. पीछे से गांव निवासी समय सिंह पहुंचे और गाड़ी हटाने को कहा. इस पर कहासुनी हो गई और आरोप है कि कार में सवार युवक ने कांच की बोतल से समय सिंह पर हमला कर दिया. इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और पथराव शुरू हो गया.

सर्पंच का दावा है कि उनके गांव के करीब 10 लोग घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि भीड़ ने इस विवाद को हिंदू–मुस्लिम रंग देने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया.

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जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि यह झगड़ा सिर्फ गाड़ी खड़ी करने को लेकर दो युवकों के बीच हुआ था, जिसे बाद में भड़काने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा, “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. घायलों को प्राथमिक चिकित्सा दी गई है और फिरोजपुर झिरका पुलिस ने मामले में अभियोग दर्ज कर लिया है. हिंसा में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.”

पुलिस ने क्षेत्र के लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है. साथ ही चेतावनी दी है कि हिंसा करने वालों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

इनपुट: कासिम खान

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