बिहार में चुनावी गर्मी,कांग्रेस खेमे में पूर्व मंत्री छेदी राम और CRPF अफसर समेत कई बड़े नाम शामिल


Bihar Chunav: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की आहट के साथ ही कांग्रेस पार्टी में लगातार नए चेहरे शामिल हो रहे हैं. बक्सर के प्रभावशाली दलित नेता और पूर्व मंत्री छेदी राम, उनके पुत्र राकेश राम और CRPF के पूर्व अधिकारी नीरज कुमार सिंह समेत कई नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया.

कांग्रेस ने अपने खेमे को मजबूत करने की दिशा में उठाया बड़ा कदम

पटना में आयोजित एक मिलन समारोह में बिहार के पूर्व मंत्री और बक्सर के प्रभावशाली दलित नेता छेदी राम अपने पुत्र राकेश राम के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए. छेदी राम ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद कहा, “यही पार्टी सही मायनों में दलितों और वंचितों के हक के लिए सोचती है.” उनके बक्सर और आसपास के क्षेत्रों में दलित मतदाताओं के बीच गहरी पकड़ है, जो कांग्रेस के लिए चुनावी दृष्टि से अहम हो सकती है.

इस मौके पर CRPF के पूर्व अधिकारी एवं समाजसेवी नीरज कुमार सिंह, संजीव कुमार, राम प्यारे प्रसाद नट और सुनील राम ने भी अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और पार्टी प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने सभी नेताओं का स्वागत किया.

राजेश राम ने कहा, “छेदी राम वरिष्ठ राजनेता हैं, इनके अनुभव और जनाधार का लाभ पार्टी को अवश्य मिलेगा. समाज के सभी वर्गों ने सभी राजनीतिक दलों को मौका देकर देख लिया है, अब उन्हें भरोसा हो गया है कि कांग्रेस ही सत्ता में सभी वर्गों को उचित हिस्सेदारी देती है.”

नेताओं का कांग्रेस पर भरोसा

नए शामिल हुए नेताओं ने कहा कि देश और राज्य के उज्जवल भविष्य के लिए कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प है. उनका मानना है कि सभी वर्गों और समुदायों को साथ लेकर चलने में कांग्रेस सक्षम है. कार्यक्रम का मंच संचालन पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. अंबुज किशोर झा ने किया, जबकि इस अवसर पर जितेंद्र गुप्ता, राजेश राठौड़, मंजीत आनंद साहू, राजीव मेहता, शशि रंजन और अनुराग चंदन समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे.

कांग्रेस में नेताओं के जुड़ने की घटनाएं चुनावी रणनीतियों को सीधा प्रभावित कर सकती हैं. कांग्रेस लगातार बड़े नेताओं और प्रभावशाली चेहरों को जोड़कर अपने जनाधार को बढ़ाने की कोशिश कर रही है.

छेदी राम जैसे दलित नेता का कांग्रेस में आना, खासकर बक्सर और आसपास के क्षेत्रों में, पार्टी के लिए एक बड़ा लाभ हो सकता है. वहीं, CRPF के पूर्व अधिकारी और अन्य नेताओं का जुड़ना कांग्रेस की ग्रामीण और सुरक्षा पृष्ठभूमि वाले वोटरों तक पहुंच बनाने में मदद करेगा.

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