शिक्षक वितरण में भारी असंतुलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर उठ रहे सवाल

ByCrank10

August 14, 2025


प्रतिनिधि, बांका/रजौन

एक ओर बिहार सरकार और शिक्षा विभाग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बांका जिले के रजौन प्रखंड में शिक्षकों की तैनाती में भारी असंतुलन सामने आ रहा है. यहां कुछ विद्यालयों में नामांकित बच्चों की तुलना में शिक्षकों की संख्या जरूरत से कहीं अधिक है, जबकि कई विद्यालयों में बच्चों की भारी संख्या के बावजूद शिक्षकों की गंभीर कमी बनी हुई है.

प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर में मात्र 10 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन यहां तीन शिक्षक पहले से पदस्थापित हैं. हाल ही में विभाग ने एक और शिक्षक की प्रतिनियुक्ति कर दी है. इसी तरह नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कुरूंमचक में 12 बच्चों के लिए पांच शिक्षक तैनात हैं. नवसृजित प्राथमिक विद्यालय पतसौरी में 30 बच्चों के लिए छह शिक्षक उपलब्ध हैं. ये उदाहरण बताते हैं कि कई विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या बच्चों के अनुपात से कहीं अधिक है.

इसके विपरीत, उत्क्रमित मध्य विद्यालय लश्करी में स्थिति बिल्कुल उलट है. यहां करीब 250 बच्चे प्रतिदिन पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन शिक्षकों की संख्या मात्र दो है. यही हाल यूएमएस नीमा का भी है, जहां करीब 250 बच्चों के लिए केवल तीन शिक्षक ही कार्यरत हैं. ऐसे हालात में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग की इस तरह की पोस्टिंग नीति से न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, बल्कि बेहतर शिक्षा की सरकारी मंशा पर भी प्रश्नचिह्न लग जाता है. ग्रामीणों का मानना है कि जरूरत के अनुसार शिक्षकों का संतुलित वितरण ही शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कर सकता है.

कहते हैं पदाधिकारी

संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी चक्रपाणि कनिष्क ने बताया कि शिक्षकों की पोस्टिंग जिला स्तर से की जाती है. उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या कम है और जल्द ही ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.

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