Independence Day 2025 Live Streaming: 15 अगस्त पर लाल किले से पीएम मोदी की स्पीच कब और कहां देखें लाइव, यहां मिलेगा लिंक – Prime Minister Narendra Modi independence day 2025 live streaming 15 August PM Modi unfrul national flag 79th Independence Day from Red Fort szlbs

ByCrank10

August 14, 2025 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


स्वतंत्रता दिवस सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि आजादी के उन बलिदानों को याद करने का अवसर है, जिनकी बदौलत हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं. भारत 15 अगस्त 2025 को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है. दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री के देश के नाम संबोधन पर सबकी नजर टिकी होती है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नरेंद्र मोदी बतौर प्रधानमंत्री अपना 12वां भाषण देंगे. अगर आप भी इस ऐतिहासिक पल को लाइव देखना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का भाषण कब, कहां और कैसे लाइव देख सकते हैं.

स्वतंत्रता दिवस समारोह कैसे देखें: लाल किले की प्राचीर से 15 अगस्त का जश्न राष्ट्रीय टीवी चैनल दूरदर्शन पर होगा. इसे आजतक के यूट्यूब चैनल पर भी देखा जा सकता है. इसके अलावा, आजतक के Live TV पर भी प्रोग्राम देख सकते हैं. वहीं, आजतक की वेबसाइट aajtak.in पर संबंधित अलग-अलग खबरें पढ़ी भी जा सकती हैं. इसके अलावा, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) का YouTube चैनल भी प्रधानमंत्री के भाषण और पूरे समारोह का लाइव प्रसारण करेगा.

15 अगस्त को कहां देखें कार्यक्रम: स्वतंत्रता दिवस समारोह यहां देख सकेंगे लाइव

https://www.youtube.com/watch?v=7AEKU2ACH2W

लाल किले में 79 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम:

– कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 7:30 बजे होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किला पहुंचेंगे तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उनका स्वागत करेंगे. उसके बाद भारतीय सशस्त्र बलों और दिल्ली पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा.
– सुबह 7:35 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा.
– सुबह 7:37 बजे राष्ट्रीय सलामी और राष्ट्रगान होगा.
– सुबह 7:45 बजे पीएम मोदी का संबोधन शुरू होगा.

बता दें कि पीएम मोदी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश के नाम संबोधन में कई अहम ऐलान भी करते आए हैं. मोदी ने 2024 में 15 अगस्त को अपने 98 मिनट के संबोधन में वर्तमान ढांचे, जो “सांप्रदायिक” है और “भेदभाव” को बढ़ावा देता है, के स्थान पर एक “धर्मनिरपेक्ष” नागरिक संहिता की स्पष्ट वकालत की थी. इसके अलावा एक साथ चुनाव कराने की भी वकालत की थी.

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