भारत ने अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बैठक का स्वागत किया है और कहा है कि शांति की दिशा में उनका नेतृत्व अत्यंत सराहनीय है. नई दिल्ली ने यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने के लिए कूटनीति के महत्व को भी रेखांकित किया. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘भारत अलास्का समिट में हुई प्रगति की सराहना करता है. आगे का रास्ता केवल बातचीत और कूटनीति से ही निकल सकता है. दुनिया यूक्रेन में संघर्ष का शीघ्र अंत देखना चाहती है.’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में हुई बैठक शुक्रवार को यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने या रोकने के लिए किसी समझौते के बिना संपन्न हो गया. यूक्रेन युद्ध 1945 के बाद से यूरोप में सबसे घातक संघर्ष है, जो अब अपने चौथे वर्ष में है. बैठक के बाद ट्रंप ने मीडिया से कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बातचीत बहुत ही उत्पादक रही, लेकिन यूक्रेन युद्ध पर केंद्रित लगभग तीन घंटे की इस शिखर बैठक के बाद कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका.
पुतिन के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, ‘कई-कई बिंदुओं पर हमारी सहमति थी. मैं कहूंगा कि कुछ बड़े मुद्दे ऐसे हैं जिन पर हम अभी तक पूरी तरह सहमत नहीं हुए हैं, लेकिन हमने कुछ प्रगति की है. इसलिए जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता, तब तक कुछ नहीं कह सकते.’
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