‘पुतिन 1-0 से आगे रहे…’, अलास्का में ट्रंप संग मीटिंग से क्यों निराश दिख रहे यूरोपीय नेता – why European leaders look disappointed meeting with Trump and putin Alaska Former German Ambassador Wolfgang Ischinger said Putin is ahead 1 0 ntc


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन को युद्ध खत्म करने के लिए रूस से समझौता करना चाहिए. क्योंकि रूस बहुत बड़ी ताकत है और यूक्रेन नहीं. ट्रंप ने ये बयान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का में शिखर वार्ता के बाद दिया. जिसमें किसी युद्धविराम पर सहमति नहीं बनी है.

समाचार एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन से मुलाकात के बाद ट्रंप ने जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से भी बातचीत की. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि ट्रंप की वजह से युद्ध के अंत की संभावना नजर आ रही है, लेकिन जब तक पुतिन अपना बर्बर हमला नहीं रोकते, तब तक प्रतिबंध और कड़े होंगे. वहीं, जर्मनी के पूर्व राजदूत वुल्फ़गैंग इशिंगर ने X पर लिखा कि पुतिन को ट्रंप से रेड कार्पेट ट्रीटमेंट मिला, जबकि ट्रंप को कुछ नहीं मिला. न युद्धविराम, न शांति. लिहाजा पुतिन 1-0 से आगे चल रहे हैं.

वहीं, ट्रंप ने रुख बदलते हुए कहा कि वे और पुतिन इस बात पर सहमत हुए हैं कि वार्ता को सीधे शांति समझौते की ओर ले जाना चाहिए, न कि केवल युद्धविराम तक सीमित रहना चाहिए. जैसा कि अब तक यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी अमेरिका के समर्थन से मांग करते आ रहे थे.

क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि सबका मानना है कि इस भयानक युद्ध को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका सीधे शांति समझौते पर पहुंचना है, न कि केवल युद्धविराम पर. जो कि अक्सर टिक नहीं पाता.

ये बेहद जटिल प्रक्रियाः रूस

ऐसे में ये बयान मॉस्को के लिए स्वागत योग्य है, जो कहता रहा है कि उसे पूरी तरह का समाधान चाहिए, न कि अस्थायी विराम. लेकिन पुतिन के सलाहकारों का कहना है कि ये बेहद जटिल होगा, क्योंकि दोनों पक्षों की स्थिति पूरी तरह विपरीत है.

ज़ेलेंस्की जाएंगे वॉशिंगटन

उधर, यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि वे सोमवार को वॉशिंगटन जाएंगे.  ज़ेलेंस्की ने ज़ोर दिया कि उन्हें सिर्फ़ स्थायी शांति चाहिए, न कि एक और अस्थायी ठहराव. उन्होंने कहा कि ट्रंप से चर्चा के दौरान उन्हें अमेरिका की तरफ़ से सकारात्मक संकेत मिले. इस बीच यूरोपीय सहयोगियों ने ट्रंप के प्रयासों का स्वागत तो किया लेकिन साफ़ किया कि वे यूक्रेन का समर्थन जारी रखेंगे और रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाएंगे. बता दें कि ट्रंप और पुतिन की शुक्रवार को अलास्का में तीन घंटे लंबी बातचीत हुई, जो फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद दोनों देशों के बीच पहली शिखर वार्ता थी.

रूस ताक़तवर देश है जबकि यूक्रेन नहींः ट्रंप

ट्रंप ने अमेरिकी टीवी चैनल फॉक्स न्यूज़ को बताया कि उन्होंने और पुतिन ने ज़मीन के लेन-देन और यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी पर चर्चा की और इस पर काफी हद तक सहमति बनी. ट्रंप ने कहा कि मेरा मानना है कि हम एक समझौते के काफ़ी क़रीब हैं, लेकिन यह यूक्रेन को तय करना है. हो सकता है वे ‘ना’ कह दें. मेरी राय में उन्हें डील करनी ही होगी. देखिए, रूस बहुत बड़ा ताक़तवर देश है और वे (यूक्रेन) नहीं.

पुतिन की प्रतिक्रिया

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि वे सहमत हैं कि यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि हमारी समझ से हम शांति की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे. हमें उम्मीद है कि यूक्रेन और यूरोपीय राजधानियां इस प्रगति को उकसावे या गुप्त साज़िशों से बाधित नहीं करेंगी.

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