पटना के रानीतालाब इलाके में 10 जुलाई को हुए बालू कारोबारी रामाकांत यादव की हत्या के आरोपी अंशु कुमार उर्फ दिव्यांशु को पटना पुलिस की टीम ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उसकी निशानदेही पर 15 अगस्त की रात निसरापुरा इलाके में पुलिस हथियार बरामद करने के लिए गयी. लेकिन निसरपुरा नहर रोड शनि मंदिर के पास इसने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की. पुलिस ने इसे रोकने की काफी कोशिश की लेकिन वह नहीं रुका. अंत में पुलिस ने फायरिंग की और गोली उसके बायें पैर में लगी, जिसके कारण वह जख्मी होकर गिर पड़ा.

गोली से जख्मी अपराधी एम्स में भर्ती

गोली लगने से जख्मी हुए बदमाश को पुलिस ने पकड़ लिया और इलाज के लिए पटना एम्स में भर्ती करा दिया है. अंशु की निशानदेही पर पुलिस ने एक देशी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन व डोंगल बरामद किया है. रामाकांत यादव की हत्या में पुलिस मुख्य आरोपी मंटू कुमार, बिट्टू कुमार व एक नाबालिग को पकड़ चुकी है. अंशु वर्ष 2017 से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है. इसके खिलाफ में रानीतालाब थाने में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी व आर्म्स एक्ट व अन्य संगीन धाराओं में केस दर्ज है.

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रामाकांत यादव की हत्या मामले का मास्टरमाइंड है अंशु

पुलिस के अनुसार, रामाकांत यादव की हत्या अंशु ने ही मंटू के माध्यम से करायी थी. अंशु रानीतालाब के काब गांव का रहने वाला है. रामाकांत यादव व अंशु के बीच में बालू व अन्य कारणों से लेकर काफी दिनों से वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था. रामाकांत यादव ने एक मंदिर बनवाया, तो उसकी देखा-देखी अंशु ने भी इलाके में एक मंदिर बनवा दिया. इसी बीच उसे जानकारी मिली कि रामाकांत यादव ने अपने एक स्टाफ को तीन लाख रुपये कर्ज दिया था लेकिन अब काफी ब्याज बता कर जमीन लिखवाने का दबाव बना रहा है. इसके बाद उसने स्टाफ के बेटे मंटू यादव से बात की. साथ ही उसने रामाकांत यादव की हत्या का प्लान बनाया.

रामाकांत यादव की हत्या की ये थी वजह…

अंशु ने मंटू को कहा कि तुम उसकी हत्या कर दो. इसके लिए उसने 50 हजार रुपया और देसी पिस्टल व कारतूस दिया. साथ ही मंटू को समझाया कि अगर रामाकांत यादव की हत्या हो जाती है तो कर्ज के पैसे भी नहीं देने पड़ेगे और उसका भी काम हो जायेगा. इसके बाद मंटू ने गोली मार कर रामाकांत यादव की हत्या कर दी थी.

लखनऊ से धराया अंशु

घटना के बाद पुलिस ने मंटू व उसे सहयोग करने वाले बिट्टू व एक अन्य नाबालिग को पकड़ा तो पता चला कि रामाकांत यादव की हत्या के पीछे अंशू उर्फ दिव्यांशु है. अंशू ही कई दिनों से रामाकांत यादव को रास्ते से हटाना चाह रहा था. इसके बाद पुलिस ने अंशू की तलाश शुरू कर दी तो वह लखनऊ भाग गया. लेकिन पुलिस टीम उसके पीछे-पीछे वहां पहुंच गयी और उसे गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद 15 अगस्त की रात पुलिस उसे पटना लेकर पहुंची और हथियार खोजने लगी.

अंशु को पटना पुलिस ने मारी गोली

अंशु पुलिस को रानीतालाब के निसरपुरा रोड शनि मंदिर के समीप ले गया. लेकिन वह अंधेरे का लाभ उठा कर भागने लगा. पुलिस ने उसे गोली मार कर जख्मी किया और पकड़ लिया. एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि अंशू रामाकांत यादव की हत्या का आरोपी है. वह पुलिस हिरासत से भागने लगा. उसे रोकने की कोशिश की गयी लेकिन नहीं रुका तो पुलिस ने फायरिंग की. गोली उसके बांये पैर में लगी.



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